युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ओरल कैंसर का खतरा, तंबाकू-वेपिंग बन रहे जानलेवा; जानें लक्षण और बचाव नई दिल्ली। देश में युवाओं के बीच ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक गंभीर चेतावनी मान रहे हैं। डॉक्टरों का…
युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ओरल कैंसर का खतरा, तंबाकू-वेपिंग बन रहे जानलेवा; जानें लक्षण और बचाव
नई दिल्ली। देश में युवाओं के बीच ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक गंभीर चेतावनी मान रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले यह बीमारी अधिकतर उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 35 वर्ष के युवाओं में भी इसके मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और वेपिंग (ई-सिगरेट) जैसी आदतों का बढ़ता चलन है, जो मुंह की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाकर कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं।
क्या है ओरल कैंसर?
Oral cancer मुंह के अंदर होने वाला एक गंभीर प्रकार का कैंसर है, जो जीभ, गाल, मसूड़ों, होंठ या गले के हिस्से में विकसित हो सकता है। यह तब होता है जब मुंह की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है खतरा?
डॉक्टरों के मुताबिक इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं—
🚬 तंबाकू और गुटखा
सिगरेट, खैनी, गुटखा और पान मसाला का नियमित सेवन मुंह की कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचाता है।
💨 वेपिंग और ई-सिगरेट
वेपिंग को कई युवा “सेफ विकल्प” मानते हैं, लेकिन इसमें मौजूद निकोटिन और केमिकल्स मुंह के टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
🍺 शराब का सेवन
अत्यधिक शराब तंबाकू के प्रभाव को और बढ़ा देती है, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
😴 खराब जीवनशैली
तनाव, कम नींद और असंतुलित खानपान भी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं।
ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें—
- मुंह में लंबे समय तक घाव या छाले का न भरना
- सफेद या लाल धब्बे दिखना
- निगलने या चबाने में दर्द
- आवाज में बदलाव या भारीपन
- जबड़े या गर्दन में सूजन
- मुंह से लगातार बदबू आना
- अचानक वजन कम होना
कब हो जाएं सतर्क?
यदि मुंह में कोई घाव या बदलाव दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
बचाव कैसे करें?
- तंबाकू और गुटखा पूरी तरह छोड़ें
- वेपिंग और ई-सिगरेट से दूरी बनाएं
- नियमित डेंटल चेकअप कराएं
- मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखें
- फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
- शराब का सेवन सीमित करें
निष्कर्ष
Oral cancer एक गंभीर लेकिन समय रहते पहचानी जा सकने वाली बीमारी है। युवाओं में इसका बढ़ता खतरा चिंता का विषय है, लेकिन सही जागरूकता और जीवनशैली में बदलाव से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।