उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातीय समीकरण और बयानबाजी को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय खुद को उपेक्षित और पीड़ित महसूस कर रहा है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर ब्राह्मण समाज के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके “स्वजातियों” के शासन में ब्राह्मणों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज है और आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर चर्चा तेज है। हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक दल ब्राह्मण समुदाय को साधने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय समीकरणों पर सभी दलों की नजर है।








