पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee की कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से मुलाकात ने नए राजनीतिक कयासों को जन्म दे दिया है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब टीएमसी आंतरिक बगावत, सांसदों की नाराजगी और हालिया चुनावी झटकों का सामना कर रही है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पार्टी को टूट से बचाने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने को लेकर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।
हाल के दिनों में टीएमसी के कई सांसदों और विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। कुछ बागी नेताओं ने अलग गुट बनाने और NDA को समर्थन देने का दावा भी किया है, जिसे लेकर पार्टी नेतृत्व लगातार नुकसान नियंत्रण की कोशिश में जुटा हुआ है। इसी बीच ममता बनर्जी की सोनिया गांधी से मुलाकात और उसके बाद अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से बैठक ने राजनीतिक हलकों में कांग्रेस-टीएमसी संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।
हालांकि अभी तक न तो कांग्रेस और न ही टीएमसी की ओर से किसी संभावित विलय की आधिकारिक पुष्टि की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह मुलाकात विपक्षी रणनीति, INDIA गठबंधन की मजबूती और टीएमसी के भीतर जारी संकट पर चर्चा का हिस्सा भी हो सकती है। फिलहाल “टीएमसी के कांग्रेस में विलय” की चर्चाएं केवल अटकलों के स्तर पर हैं और इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।








