लेह/कारगिल। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में प्रशासनिक ढांचे को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा सात जिलों के लिए हिल काउंसिल व्यवस्था से जुड़े फैसले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस निर्णय को लेकर जहां कुछ वर्ग इसे स्थानीय प्रशासन को अधिक अधिकार मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, वहीं कई स्थानीय संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
स्थानीय संगठनों का कहना है कि लद्दाख के प्रशासनिक ढांचे में किसी भी बड़े बदलाव से पहले सभी हितधारकों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि स्थानीय जनता की अपेक्षाओं और मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य स्थानीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना, विकास कार्यों में तेजी लाना और लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाना है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी तथा स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया और मजबूत होगी।








