नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार हुआ है।” उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अहिंसक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है, तो उसके साथ बलपूर्वक कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से असहमति की आवाज़ का सम्मान करने और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।
सांसद ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब सरकार आलोचना और विरोध को स्वीकार करे। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, जनता की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।








