नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के “चलो संसद” मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शन कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि जिस दिन संसद का सत्र शुरू होता है, उस दिन संसद की कार्यवाही को बाधित करने या सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश उचित नहीं मानी जा सकती।
LJP (रामविलास) के नेताओं ने कहा कि संसद जनता के मुद्दों पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है और यदि किसी संगठन या समूह की मांगें हैं तो उन्हें संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उठाया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि विरोध प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
इस बीच राजधानी दिल्ली में CJP के “चलो संसद” मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बन गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा का पालन कराने के लिए कार्रवाई की गई।








