नई दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान “इस्तीफा दो”, “छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद” और “युवा न्याय दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
मार्च के दौरान उस समय माहौल और गर्म हो गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में सड़क पर ही लेट गए। उनके इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं का भविष्य लगातार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो सरकार जवाब देने के बजाय उन पर बल प्रयोग करती है। राहुल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।








