सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में चुनाव आयोग की भूमिका चर्चा का विषय है और यह समझना जरूरी है कि आखिर 48 घंटे तक आयोग ने संबंधित मुद्दे पर क्या कार्रवाई की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता थी, उसमें आयोग की ओर से अपेक्षित तत्परता दिखाई नहीं दी। उनके अनुसार, यदि समय रहते उचित कदम उठाए गए होते तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि न्यायपालिका ने अपने निर्णय के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।








