बुधवार, 30 सितंबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

हर साल कितने नोट खराब हो जाते हैं? RBI के आंकड़ों से जानिए कितनी मुद्रा होती है नष्ट

भारत में हर साल करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों (बिलियन) की संख्या में करेंसी नोट इस्तेमाल के दौरान फटने, गंदे होने या खराब होने के कारण चलन से बाहर हो जाते हैं। ऐसे नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों से वापस लेकर जांच के बाद नष्ट कर देता है और उनकी जगह नए…

V
V K Singh

1 मिनट

शेयर करें:
हर साल कितने नोट खराब हो जाते हैं? RBI के आंकड़ों से जानिए कितनी मुद्रा होती है नष्ट

भारत में हर साल करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों (बिलियन) की संख्या में करेंसी नोट इस्तेमाल के दौरान फटने, गंदे होने या खराब होने के कारण चलन से बाहर हो जाते हैं। ऐसे नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों से वापस लेकर जांच के बाद नष्ट कर देता है और उनकी जगह नए नोट जारी करता है।

RBI के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 17 अरब (17 बिलियन) खराब या क्षतिग्रस्त नोट नष्ट किए गए। इससे पहले 2024-25 में यह संख्या लगभग 22.9 अरब थी। 2025-26 में संख्या कम रहने की एक प्रमुख वजह नोट नष्ट करने वाली मशीनों के उन्नयन (अपग्रेड) के दौरान प्रसंस्करण प्रभावित होना बताया गया है।

RBI के अनुसार, जो नोट सामान्य इस्तेमाल से गंदे, फटे या खराब हो जाते हैं, उन्हें Soiled Notes (गंदे/घिसे नोट) कहा जाता है। वहीं जिन नोटों का कोई हिस्सा गायब हो या वे कई टुकड़ों में हों, उन्हें Mutilated Notes (क्षतिग्रस्त नोट) की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे नोटों को बैंक और RBI के निर्धारित नियमों के अनुसार बदला भी जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 जैसे छोटे मूल्य के नोट अधिक बार हाथ बदलते हैं, इसलिए वे अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो जाते हैं। दूसरी ओर, बड़े मूल्य के नोट अपेक्षाकृत कम इस्तेमाल होने के कारण अधिक समय तक चल पाते हैं।

RBI लगातार ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत लोगों से अपील करता है कि नोटों पर न लिखें, उन्हें स्टेपल न करें और अनावश्यक रूप से फाड़ने या खराब करने से बचें। इससे नोटों की उम्र बढ़ती है और नए नोट छापने पर होने वाला खर्च भी कम होता है।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →