सुलतानपुर। मकान पर कब्जे के विवाद में गल्ला कारोबारी अखिलेश वर्मा की हत्या के करीब 15 साल पुराने मामले में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे तृतीय की अदालत ने दीपक वर्मा, प्रदीप वर्मा, ओमप्रकाश, उमेश कुमार और छोटेलाल निषाद पर कुल 5.60 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया है।
मामला 24 जुलाई 2011 का है। शिकायतकर्ता अनिल वर्मा के मुताबिक, उनके जीजा अखिलेश वर्मा और बहन नीलम वर्मा का डोमापुर में मकान था, जिसको लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि मकान विवाद सुलझाने के बहाने अखिलेश को बुलाया गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटे। अगले दिन गड़ौरा में वह मरणासन्न अवस्था में मिले। बाद में उनकी मौत हो गई।
मामले में कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई, जबकि पांच अभियुक्तों के खिलाफ ट्रायल पूरा हुआ। अदालत ने 30 सितंबर को पांचों को दोषी ठहराया था और बुधवार को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृत्युपूर्व अखिलेश वर्मा के बयान मामले में अहम साबित हुए।







