रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या में कहा कि आज इंसान तकनीक के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ गया है, लेकिन अपने भीतर से कट गया है और यही आज की सबसे बड़ी चुनौती है। वह रानोपाली स्थित उदासीन ऋषि संगत आश्रम में गुरु पर्व महोत्सव के समापन और संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में देश भर से आए संत-महात्मा और अयोध्या की संत परंपरा के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी
राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीक ने दुनिया का ज्ञान हमारी उंगलियों पर ला दिया है, लेकिन उस ज्ञान को सही दिशा देने वाला विवेक अब भी विकसित होना बाकी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के विस्तार के साथ आत्मबोध और विवेक का विकास भी उतना ही जरूरी है। 'मैं कौन हूं, क्यों हूं' जैसे सवाल आज भी इंसान के सामने खड़े हैं।
गुरु की भूमिका पर जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीक सिर्फ जानकारी देती है, जबकि गुरु व्यक्ति को खुद को पहचानने का रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि संत भारतीय सभ्यता के संरक्षक हैं और समाज को उसकी जड़ों की याद दिलाते रहते हैं।



