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आजमगढ़: 23 सीएचसी पर सिर्फ तीन सर्जन और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, सिजेरियन के लिए रेफर हो रहीं गर्भवती

आजमगढ़ जिले के 23 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिर्फ तीन सर्जन और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ न होने से ज़्यादातर सीएचसी पर सिजेरियन प्रसव नहीं हो पाता और गर्भवती महिलाओं को दूर रेफर करना पड़ता है।

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मुख्य संपादक

1 मिनट आजमगढ़

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आजमगढ़: 23 सीएचसी पर सिर्फ तीन सर्जन और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, सिजेरियन के लिए रेफर हो रहीं गर्भवती
प्रतीकात्मक फोटो: Aditya Singh / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

आजमगढ़। जिले में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। जिले के 23 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर कुल मिलाकर सिर्फ तीन सर्जन तैनात हैं, जबकि एनेस्थीसिया (बेहोशी) का विशेषज्ञ केवल एक है, जो मुबारकपुर सीएचसी पर है।

सिजेरियन के लिए रेफर हो रहीं महिलाएं

सिजेरियन ऑपरेशन के लिए सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ दोनों ज़रूरी हैं। इनके न होने से ज़्यादातर सीएचसी पर सिर्फ सामान्य प्रसव ही हो पाता है। जटिल मामलों में गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल या दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इससे परिवारों को ज़्यादा दूरी तय करनी पड़ती है, समय लगता है और खर्च भी बढ़ जाता है।

किस सीएचसी का क्या हाल

  • मुबारकपुर: सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ दोनों मौजूद, यहीं पूरी सुविधा
  • बिलरियागंज: सर्जन है, लेकिन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं
  • अहिरौला: दोनों में से कोई नहीं, सिर्फ सामान्य प्रसव
  • जहानागंज: दोनों में से कोई नहीं, सिजेरियन की सुविधा नहीं

जिला महिला अस्पताल पर बढ़ा बोझ

जिला महिला अस्पताल के अधीक्षक के मुताबिक वहां रोज़ 10 से 12 सिजेरियन प्रसव होते हैं। अगस्त में 321 और सितंबर में 300 सिजेरियन ऑपरेशन किए गए। सीएचसी से रेफर होने वाले मामलों का दबाव भी इसी अस्पताल पर आता है।

ग्रामीण इलाकों के लोगों का कहना है कि अगर हर ब्लॉक के सीएचसी पर सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हो जाएं तो गर्भवती महिलाओं को गांव के पास ही सुरक्षित इलाज मिल सकेगा।

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