पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। बुलंदशहर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अलग पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व शिवसेना के जिलाध्यक्ष सर्वेश राणा ने किया।
कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में अलग राज्य के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स और इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग भी रखी गई।

तीन प्रमुख मांगें
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाया जाए
- पश्चिमी यूपी में एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) की स्थापना हो
- हाईकोर्ट की स्थायी बेंच पश्चिमी यूपी में बने
क्या है तर्क
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को इलाज और न्याय के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। हाईकोर्ट के काम के लिए प्रयागराज और बड़े इलाज के लिए दिल्ली या लखनऊ जाना पड़ता है, जिसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। एम्स और हाईकोर्ट बेंच बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि भौगोलिक और प्रशासनिक हालात भी अलग राज्य के पक्ष में हैं।







