नई दिल्ली: अगर आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और बिल में अलग से सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाता है, तो यह आपके लिए जानना जरूरी है कि आपके पास शिकायत करने का अधिकार है। हाल ही में Chaayos समेत 41 रेस्टोरेंट्स पर सर्विस चार्ज वसूलने को लेकर कार्रवाई की…
नई दिल्ली: अगर आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और बिल में अलग से सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाता है, तो यह आपके लिए जानना जरूरी है कि आपके पास शिकायत करने का अधिकार है। हाल ही में Chaayos समेत 41 रेस्टोरेंट्स पर सर्विस चार्ज वसूलने को लेकर कार्रवाई की गई और उन पर जुर्माना लगाया गया।
उपभोक्ता मामलों से जुड़े अधिकारियों ने रेस्टोरेंट्स द्वारा ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज लेने की शिकायतों पर कार्रवाई की है। नियमों के अनुसार, सर्विस चार्ज ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है, इसे जबरन बिल में शामिल नहीं किया जा सकता।
रेस्टोरेंट नहीं कर सकता जबरन सर्विस चार्ज की वसूली
कई ग्राहक शिकायत करते हैं कि रेस्टोरेंट बिना पूछे खाने के बिल में 5 से 10 प्रतिशत तक सर्विस चार्ज जोड़ देते हैं। उपभोक्ता अधिकारों के मुताबिक, ग्राहक को यह तय करने का अधिकार है कि वह सर्विस चार्ज देना चाहता है या नहीं।
अगर ग्राहक सर्विस चार्ज देने से मना करता है तो रेस्टोरेंट उसे देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
सर्विस चार्ज लेने पर कहां करें शिकायत?
अगर कोई होटल या रेस्टोरेंट जबरन सर्विस चार्ज वसूलता है तो ग्राहक इन माध्यमों से शिकायत कर सकता है:
1. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH)
ग्राहक अपनी शिकायत National Consumer Helpline पर दर्ज करा सकते हैं।
- हेल्पलाइन नंबर: 1915
- वेबसाइट: consumerhelpline.gov.in
- NCH मोबाइल ऐप के जरिए भी शिकायत की जा सकती है।
2. उपभोक्ता आयोग में शिकायत
अगर रेस्टोरेंट शिकायत के बाद भी समाधान नहीं करता है तो ग्राहक अपने जिले के Consumer Disputes Redressal Commission में मामला दर्ज कर सकता है।
3. बिल और सबूत संभालकर रखें
शिकायत करते समय ग्राहक को:
- रेस्टोरेंट का बिल
- सर्विस चार्ज की जानकारी
- भुगतान का रिकॉर्ड
- रेस्टोरेंट की डिटेल
जैसे सबूत रखने चाहिए।
ग्राहकों के अधिकारों को लेकर सख्ती
सरकार और उपभोक्ता विभाग लगातार ग्राहकों के अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी ग्राहक को ऐसी सेवा के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसे उसने अपनी इच्छा से स्वीकार नहीं किया है।