चंदौली में साइबर ठगी का भंडाफोड़: जापान के बुजुर्गों से ठगी, चीन के खाते और हवाला से वापसी
चंदौली की मुगलसराय पुलिस ने एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। गिरोह टेक सपोर्ट बनकर जापान के बुजुर्गों के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर पैसा उड़ाता था, रकम चीन के खातों में भेजता और हवाला से वापस लाता था। पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार।
चंदौली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि कलशपुरी की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। छापे में वहां विदेशी नंबरों पर लाइव कॉल चलती मिलीं।
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि गिरोह इंटरनेट कॉलिंग के जरिए खुद को टेक्निकल सपोर्ट का कर्मचारी बताकर जापान के उन बुजुर्गों को निशाना बनाता था, जो तकनीक के जानकार नहीं होते। उनसे कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर बैंकिंग जानकारी हासिल की जाती और खातों से रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
पुलिस के मुताबिक ठगी की रकम चीन के खातों में भेजी जाती थी और फिर हवाला के जरिए कोलकाता से चंदौली वापस लाई जाती थी। आरोप है कि गिरोह हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में करीब 9 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी
रौनक सिंह (32), मैनेजर, नालंदा
रोशन कुमार (21), गया
अमन कुमार (23), गया
अंकित कुमार (25), नवादा
विकास वैभव (25), गया
मुख्य संचालक समेत तीन आरोपी फरार हैं। मौके से 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 3 लैपटॉप, 6 मोबाइल, 4 राउटर और 5 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए।
टेक सपोर्ट ठगी से बचें
कोई भी कंपनी खुद फोन करके आपके कंप्यूटर या मोबाइल का रिमोट एक्सेस नहीं मांगती। AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप किसी अनजान के कहने पर इंस्टॉल न करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।