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CJI ने सौरव दास को कहा था ‘कॉकरोच’? अभिजीत दीपके के दावे से मचा सियासी बवाल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के…

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V K Singh

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CJI ने सौरव दास को कहा था ‘कॉकरोच’? अभिजीत दीपके के दावे से मचा सियासी बवाल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि कथित तौर पर ‘कॉकरोच’ शब्द पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता सौरव दास के लिए इस्तेमाल किया गया था।

अभिजीत दीपके का यह दावा न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान सामने आया। उन्होंने बातचीत में सौरव दास के पत्रकारिता करियर और न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर उनकी रिपोर्टिंग का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय कथित टिप्पणी की गई थी, उस दौरान सौरव दास ही न्यायपालिका से जुड़े मामलों पर सबसे अधिक लिख रहे थे।

अभिजीत दीपके ने क्या दावा किया?

इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा कि जिस ‘कॉकरोच’ शब्द को लेकर विवाद चल रहा है, वह सौरव दास के लिए ही इस्तेमाल किया गया था। उनका दावा था कि उस समय सौरव दास न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर लगातार लिख रहे थे और इसी वजह से कथित टिप्पणी का संदर्भ उनसे जुड़ा था।

इस दावे ने पूरे विवाद को एक नया राजनीतिक और कानूनी आयाम दे दिया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दीपके का यह दावा उनकी ओर से किया गया दावा है और इसे अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड या CJI की ओर से सौरव दास का नाम लेकर दी गई पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सौरव दास ने क्या बताया?

सौरव दास ने अपने पत्रकारिता करियर का जिक्र करते हुए बताया कि वह कानून और न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर लिखते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई जजों पर प्रोफाइल और रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं।

दास के मुताबिक, उस समय कई वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क कर कहा था कि कथित टिप्पणी उनके लिए की गई है। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह ‘कारवां’ मैगजीन के लिए जस्टिस सूर्यकांत पर एक प्रोफाइल तैयार कर रहे थे।

सौरव दास ने यह भी बताया कि उन्होंने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ पर भी इसी तरह की प्रोफाइल लिखी थी। इस दौरान उन्होंने कुछ आरटीआई आवेदन भी दाखिल किए थे।

‘युवा नौकरी नहीं पाते तो पत्रकार बन जाते हैं’ वाली टिप्पणी

सौरव दास ने कथित टिप्पणी के संदर्भ में बताया कि CJI की ओर से यह बात कही गई थी कि कुछ युवा जब नौकरी हासिल नहीं कर पाते तो पत्रकारिता में आ जाते हैं और बाद में आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।

इसी बातचीत के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया। इसके बाद यह बहस शुरू हो गई कि CJI की टिप्पणी का वास्तविक संदर्भ क्या था और वह किन लोगों के लिए कही गई थी।

CJI सूर्यकांत ने बाद में दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत की ओर से अदालत में स्पष्टीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान उनकी मौखिक टिप्पणियों को मीडिया के एक हिस्से में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

CJI ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य देश के बेरोजगार युवाओं की आलोचना करना नहीं था। उनके मुताबिक, उन्होंने उन लोगों की आलोचना की थी जो कथित तौर पर नकली या फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह के लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी प्रवेश कर चुके हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘परजीवी’ शब्द के इस्तेमाल की बात स्पष्ट की।

CJI के अनुसार, यह कहना गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं को निशाना बनाया या उनकी आलोचना की।

अब ‘कॉकरोच’ शब्द पर क्यों बढ़ा विवाद?

विवाद की मुख्य वजह यह है कि कथित टिप्पणी में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक तरफ CJI ने अपनी टिप्पणी का संदर्भ स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका निशाना फर्जी डिग्री के जरिए पेशे में प्रवेश करने वाले लोगों पर था, वहीं अभिजीत दीपके का दावा है कि ‘कॉकरोच’ शब्द विशेष रूप से सौरव दास के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया था।

सौरव दास ने भी बताया है कि उस समय कुछ वकीलों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने उनसे संपर्क कर कथित टिप्पणी को उनके संदर्भ में बताया था।

हालांकि, इस पूरे मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘कॉकरोच’ शब्द किस व्यक्ति के लिए और किस संदर्भ में इस्तेमाल किया गया था, इसे लेकर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। CJI की ओर से उपलब्ध स्पष्टीकरण में सौरव दास का नाम लेकर इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।

बयान को लेकर सियासत जारी

‘कॉकरोच’ शब्द को लेकर विवाद अब केवल अदालत की टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा है। इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी कथित टिप्पणी के संदर्भ और उसके निशाने को लेकर बहस चल रही है।

अभिजीत दीपके के नए दावे के बाद इस विवाद में सौरव दास का नाम सीधे तौर पर जुड़ गया है। वहीं CJI सूर्यकांत की सफाई के बाद यह सवाल भी बना हुआ है कि कथित टिप्पणी का वास्तविक संदर्भ क्या था।

फिलहाल, इस पूरे विवाद में तीन अलग-अलग बातें सामने आती हैं—अभिजीत दीपके का दावा, सौरव दास द्वारा साझा किया गया अपना अनुभव और CJI सूर्यकांत की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण। ऐसे में ‘कॉकरोच’ शब्द किस संदर्भ में इस्तेमाल हुआ था, इस पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिकॉर्ड और पूरी घटना के संदर्भ के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

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