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DUSU में दीपांशु शौकीन ने ABVP और NSUI दोनों का खेल बिगाड़ा! यश और विजय में कांटे की टक्कर

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों की गिनती शुरू हो चुकी है और शुरुआती रुझानों ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वहीं उपाध्यक्ष…

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V K Singh

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DUSU में दीपांशु शौकीन ने ABVP और NSUI दोनों का खेल बिगाड़ा! यश और विजय में कांटे की टक्कर

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों की गिनती शुरू हो चुकी है और शुरुआती रुझानों ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

अध्यक्ष पद पर यश और विजय आमने-सामने

DUSU अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन शुरुआती मतगणना में मुख्य मुकाबला ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच दिखाई दे रहा है। पहले राउंड में यश डबास को 1,305 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा को 1,191 वोट हासिल हुए। यानी शुरुआती राउंड में दोनों के बीच 114 वोटों का अंतर रहा।

इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए AISA-SFI की अनन्या रतूड़ी समेत अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं। इसलिए अंतिम परिणाम आने तक मुकाबले की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।

उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन का बड़ा प्रदर्शन

सबसे ज्यादा चर्चा उपाध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों को लेकर हो रही है। इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने ABVP और NSUI दोनों के उम्मीदवारों से काफी ज्यादा वोट हासिल किए हैं।

पहले राउंड में दीपांशु शौकीन को 1,391 वोट मिले। वहीं ABVP के ईशू मौर्य को 865 और NSUI के वीर चतरथ को 242 वोट मिले। शुरुआती आंकड़ों में दीपांशु दोनों प्रमुख संगठनों के उम्मीदवारों से आगे दिखाई दिए।

दीपांशु शौकीन का नाम चुनाव से पहले भी चर्चा में था। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें NSUI से टिकट नहीं मिलने के बाद उनके बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरने की चर्चा थी।

सचिव पद पर भी ABVP को बढ़त

सचिव पद के शुरुआती रुझानों में ABVP की रिया छाबड़ी आगे चल रही हैं। पहले राउंड में रिया को 909 वोट मिले, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 450 वोट हासिल हुए। संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला दिलचस्प है। यहां निर्दलीय विशेष यादव को 996 वोट मिले, जबकि ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 938 और NSUI के गोपाल चौधरी को 698 वोट मिले।

क्यों अहम है दीपांशु फैक्टर?

DUSU चुनाव में निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को कई जगहों पर बहुकोणीय बना दिया है। चुनाव से पहले ही NSUI के टिकट वितरण को लेकर कुछ उम्मीदवारों के बागी रुख की खबरें सामने आई थीं। दीपांशु शौकीन और विशेष यादव के नाम भी इसी संदर्भ में चर्चा में रहे।

हालांकि किसी उम्मीदवार की मौजूदगी से किस संगठन के कितने वोट प्रभावित होंगे, इसका अंतिम आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही किया जा सकता है। शुरुआती रुझान केवल मतगणना की वर्तमान स्थिति बताते हैं।

1.5 लाख से ज्यादा छात्र थे मतदाता

DUSU चुनाव के लिए इस बार 1.5 लाख से अधिक छात्र मतदाता पात्र थे। मतदान 18 सितंबर को हुआ और मतगणना 19 सितंबर को शुरू हुई। चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे।

अध्यक्ष पद पर ABVP ने यश डबास और NSUI ने विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया था। दोनों संगठनों ने चारों केंद्रीय पदों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे।

अब सभी की नजरें मतगणना के आगे के राउंड पर हैं। अध्यक्ष पद पर यश डबास और विजय शंकर मीणा के बीच अंतर कितना बदलता है और उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन अपनी बढ़त कायम रख पाते हैं या नहीं, यह आने वाले राउंड में साफ होगा। अंतिम नतीजे आने के बाद ही DUSU के चारों केंद्रीय पदों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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