नई दिल्ली। मानसून के मौसम में बारिश, परिवहन में रुकावट और फसलों पर मौसम के असर के कारण कई फलों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। आपूर्ति कम होने और मांग बढ़ने की वजह से बाजार में कुछ मौसमी और आयातित फल आम दिनों की तुलना में अधिक महंगे बिकते हैं।
बरसात के दौरान आम, अनार, सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट, चेरी, अंगूर और नाशपाती जैसे फलों के दाम कई जगह बढ़ जाते हैं। वहीं, आयातित फलों की कीमतों पर परिवहन लागत और सीमित उपलब्धता का भी असर पड़ता है। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध केला, पपीता और अमरूद जैसे फल कई क्षेत्रों में अपेक्षाकृत सस्ते और आसानी से मिल जाते हैं, हालांकि इनके दाम भी स्थानीय उत्पादन और आपूर्ति पर निर्भर करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में फल खरीदते समय उनकी ताजगी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कटे हुए या लंबे समय तक खुले में रखे फल खरीदने से बचें और हमेशा साफ पानी से धोकर ही उनका सेवन करें। मौसम के अनुसार उपलब्ध ताजे और स्थानीय फलों को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य और बजट, दोनों के लिए बेहतर माना जाता है।








