नई दिल्ली: देशभर में छात्र-युवा आंदोलनों और CJP (Cockroach Janta Party) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस ने अपनी नई रणनीति के तहत युवा चेहरों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका गुरमेहर कौर को प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने लाया गया है। कांग्रेस ने उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख भूमिका देते हुए छात्रों के लिए कानूनी सहायता अभियान की घोषणा कराई, जिसे पार्टी की Gen-Z तक पहुंच बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
गुरमेहर कौर ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस उनकी कानूनी मदद करेगी। पार्टी ने इसके लिए एक विशेष लीगल हेल्पलाइन भी जारी की है, ताकि किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी को कानूनी सहायता मिल सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध में शामिल युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।
कौन हैं गुरमेहर कौर?
29 वर्षीय गुरमेहर कौर पंजाब के जालंधर की रहने वाली हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई कर चुकी हैं और बाद में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वह लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मुखर आवाज रही हैं। वर्ष 2017 में दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज विवाद के दौरान शुरू हुए ‘सेव डीयू’ अभियान के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं।








