गुरु प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विवाह में आ रही रुकावटों के लिए इस दिन भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक, शमी पत्र अर्पित करने और ‘ॐ ह्रीं शिवाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने का उपाय बताया गया है। मान्यता है कि इससे विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने और मनचाहे जीवनसाथी की कामना पूरी होने में सहायता मिल सकती है।
कई बार विवाह के लिए रिश्ता तय होते-होते अचानक टूट जाता है या योग्य रिश्ता मिलने में लगातार देरी होती रहती है। धार्मिक मान्यताओं में ऐसी परिस्थितियों के लिए कई पूजा-पाठ और ग्रहों से जुड़े उपाय बताए गए हैं। भगवान शिव को समर्पित **प्रदोष व्रत** को भी विवाह संबंधी मनोकामनाओं के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है।
अक्टूबर 2026 में कब है गुरु प्रदोष व्रत?
प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, **आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 11:16 बजे शुरू होकर 8 अक्टूबर की रात 10:15 बजे तक** रहेगी। प्रदोष काल 8 अक्टूबर को पड़ने के कारण व्रत इसी दिन रखा जाएगा। गुरुवार होने के चलते इसे **गुरु प्रदोष व्रत** कहा जाएगा।
विवाह की बाधाएं दूर करने के लिए करें ये उपाय
सिंदूर से करें पूजा:
अगर विवाह में बार-बार रुकावट आ रही है तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान करके लाल वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करने के बाद उसी सिंदूर का तिलक अपने माथे पर लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं।
काले तिल से करें शिवलिंग का अभिषेक:
यदि विवाह में देरी को कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है, तो प्रदोष के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करने की मान्यता है। इसके साथ भगवान शिव का कच्चे दूध से अभिषेक कर मनोकामना की प्रार्थना की जा सकती है। धार्मिक मान्यता है कि इससे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं।
शुक्र ग्रह के लिए करें ये उपाय:
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को विवाह और दांपत्य जीवन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी स्थिति में प्रदोष व्रत के दिन स्नान और दान करने के बाद जल में शहद और सुगंध मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे शुक्र ग्रह मजबूत हो सकता है और विवाह से जुड़ी अड़चनें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।
ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके प्रभाव की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। किसी भी उपाय को करने से पहले अपनी व्यक्तिगत आस्था और परंपरा का ध्यान रखें।