शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

हैदरगंज, जाना बाजार और तारुन के 60 से ज्यादा व्यापारियों को 40-60 हजार के सीपी टैक्स नोटिस

अयोध्या के हैदरगंज, जाना बाजार, नानसा बाजार और तारुन के 60 से ज्यादा व्यापारियों को 40 से 60 हजार रुपये तक के सीपी टैक्स नोटिस मिले हैं। व्यापार मंडल ने मामलों की दोबारा जांच, अधिक लेबर सेस की जांच और गृह-जल कर में अधिकतम 10% बढ़ोतरी की मांग उठाई है।

म
मुख्य संपादक

2 मिनट हैदरगंज, अयोध्या

शेयर करें:
हैदरगंज, जाना बाजार और तारुन के 60 से ज्यादा व्यापारियों को 40-60 हजार के सीपी टैक्स नोटिस
कस्बे का बाजार — प्रतीकात्मक फोटो: Ashishb04 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

अयोध्या जिले के ग्रामीण बाजारों के छोटे व्यापारी इन दिनों भारी टैक्स नोटिस से परेशान हैं। हैदरगंज, जाना बाजार, नानसा बाजार और तारुन के 60 से ज्यादा व्यापारियों को 40 हजार से 60 हजार रुपये तक के सीपी टैक्स के नोटिस थमाए गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबार के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना मुश्किल है।

इस मुद्दे पर व्यापार मंडल की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य बनवारी लाल कंछल ने की। हैदरगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रिंस कसौधन ने व्यापारियों की परेशानी रखी।

व्यापारियों की मांगें

  • सभी मामलों की दोबारा जांच कर असली टैक्स देनदारी तय की जाए
  • अधिक लेबर सेस, जुर्माने और ब्याज के आकलन की जांच हो
  • गृह कर और जल कर में बढ़ोतरी अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमित हो
  • नजूल जमीन के फ्री होल्ड, लीज होल्ड और वरासत से जुड़े हस्तांतरण पर लगी रोक हटे
  • जिन्होंने फ्री होल्ड के लिए पैसा जमा किया, उनके मामले निपटाए जाएं

बैठक में जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह, जिला महामंत्री मनोज जायसवाल, जिला संगठन मंत्री नीरज जायसवाल और प्रदेश संयुक्त महामंत्री अरुण कुमार अग्रवाल मौजूद रहे।

छोटे बाजारों पर असर

हैदरगंज, जाना बाजार, नानसा और तारुन अयोध्या के दक्षिणी हिस्से के अहम ग्रामीण बाजार हैं, जहां आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग खरीदारी करने आते हैं। यहां के ज्यादातर व्यापारी छोटी दुकानें चलाते हैं। जाना बाजार से नानसा बाजार तक की खराब सड़क भी इन बाजारों के कारोबार पर असर डाल रही है।

नोटिस मिले तो क्या करें

टैक्स नोटिस मिलने पर उसकी तारीख और रकम ध्यान से पढ़ें और तय समय के भीतर संबंधित विभाग में लिखित आपत्ति या जवाब दाखिल करें। अपनी बिक्री, खरीद और पहले जमा किए गए टैक्स के कागज साथ रखें। जरूरत हो तो किसी कर सलाहकार या व्यापार मंडल की मदद लें। समय पर जवाब न देने से जुर्माना और ब्याज बढ़ सकता है।

ऐसी ही और खबरों के लिए पढ़ें: अयोध्या की ताजा खबरें

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →