आज के मॉडर्न किचन में इंडक्शन और इन्फ्रारेड कुकटॉप तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। दोनों ही गैस स्टोव की तुलना में सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं, लेकिन जब बात खाना पकाने की स्पीड और ऊर्जा के इस्तेमाल की आती है तो इंडक्शन कुकटॉप अक्सर आगे नजर आता है। इसके पीछे…
आज के मॉडर्न किचन में इंडक्शन और इन्फ्रारेड कुकटॉप तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। दोनों ही गैस स्टोव की तुलना में सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं, लेकिन जब बात खाना पकाने की स्पीड और ऊर्जा के इस्तेमाल की आती है तो इंडक्शन कुकटॉप अक्सर आगे नजर आता है। इसके पीछे दोनों तकनीकों के काम करने का तरीका मुख्य वजह है।
कैसे काम करता है इंडक्शन कुकटॉप?
इंडक्शन कुकटॉप Electromagnetic Induction के सिद्धांत पर काम करता है। इसके अंदर एक कॉइल होती है, जिसमें बिजली प्रवाहित होने पर तेजी से बदलता हुआ मैग्नेटिक फील्ड बनता है।
जब इस पर उपयुक्त चुंबकीय धातु, जैसे आयरन या कुछ प्रकार के स्टील का बर्तन रखा जाता है, तो उस बर्तन के अंदर विद्युत धाराएं उत्पन्न होती हैं। इन धाराओं के कारण बर्तन खुद गर्म होने लगता है।
यानी इंडक्शन में ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सीधे बर्तन में हीट पैदा करने में इस्तेमाल होता है, न कि पहले कुकटॉप की सतह को गर्म करने में।
इन्फ्रारेड कुकटॉप कैसे करता है काम?
इन्फ्रारेड कुकटॉप की तकनीक अलग होती है। इसमें इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट गर्म होकर इन्फ्रारेड रेडिएशन के जरिए बर्तन तक गर्मी पहुंचाता है।
इस प्रक्रिया में पहले कुकटॉप का हीटिंग एलिमेंट और सतह गर्म होती है और फिर उस गर्मी का ट्रांसफर बर्तन तक होता है। इसी वजह से इसकी हीटिंग प्रक्रिया इंडक्शन से अलग होती है।
इंडक्शन ज्यादा तेज क्यों हो सकता है?
इंडक्शन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बर्तन के अंदर सीधे गर्मी उत्पन्न होती है। इस वजह से हीट ट्रांसफर के बीच के चरण कम हो जाते हैं और खाना तेजी से गर्म किया जा सकता है।
इन्फ्रारेड में पहले हीटिंग एलिमेंट गर्म होता है और फिर गर्मी बर्तन तक पहुंचती है। इसलिए समान परिस्थितियों में इंडक्शन कई बार ज्यादा तेजी से पानी गर्म करने या खाना पकाने में सक्षम होता है।
हालांकि वास्तविक स्पीड कुकटॉप की पावर, बर्तन, भोजन की मात्रा और इस्तेमाल की जा रही सेटिंग पर भी निर्भर करती है।
ऊर्जा की बचत में कौन आगे?
इंडक्शन कुकटॉप में ऊर्जा सीधे बर्तन को गर्म करने में इस्तेमाल होती है, इसलिए आम तौर पर इसकी कुकिंग एफिशिएंसी काफी अधिक होती है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, इंडक्शन कुकिंग में इलेक्ट्रिक कॉइल वाले स्मूद-टॉप की तुलना में ऊर्जा का अधिक प्रभावी इस्तेमाल होता है।
इसके अलावा इंडक्शन कुकटॉप में बर्तन हटाने पर हीटिंग प्रक्रिया काफी हद तक रुक जाती है। वहीं इन्फ्रारेड कुकटॉप की सतह और हीटिंग एलिमेंट गर्म रहते हैं, इसलिए बंद करने के बाद भी कुछ समय तक अवशिष्ट गर्मी बनी रहती है।
दोनों में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
इंडक्शन की सबसे बड़ी सीमा यह है कि इसमें ऐसे बर्तन चाहिए जिनमें चुंबकीय धातु हो। वहीं इन्फ्रारेड कुकटॉप में आमतौर पर कई तरह के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुरक्षा के लिहाज से भी दोनों में अंतर है। इंडक्शन की सतह अपेक्षाकृत कम गर्म होती है, जबकि इन्फ्रारेड कुकटॉप की सतह काफी गर्म हो सकती है और बंद करने के बाद भी कुछ समय तक गर्म रहती है।
कुल मिलाकर, तेज हीटिंग और ऊर्जा दक्षता प्राथमिकता है तो इंडक्शन एक प्रभावी विकल्प हो सकता है, जबकि अलग-अलग प्रकार के बर्तनों का इस्तेमाल करने की सुविधा चाहिए तो इन्फ्रारेड कुकटॉप उपयोगी हो सकता है।