नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से हाल के वर्षों में करीब 100 वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफा देने की खबरों के बाद केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। वैज्ञानिक प्रतिभाओं के पलायन को रोकने और संवेदनशील तकनीकी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नए आदेश के अनुसार, ISRO के वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों को इस्तीफा देने के बाद सीधे निजी या विदेशी अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में शामिल होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके अलावा, संवेदनशील परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारियों पर गोपनीय जानकारी साझा करने को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक तकनीकों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार और बेहतर वेतन पैकेज के कारण कई अनुभवी वैज्ञानिक ISRO छोड़कर निजी कंपनियों का रुख कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, ताकि प्रतिभा पलायन पर रोक लगाने के साथ-साथ देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की गोपनीयता और निरंतरता बनी रहे।








