जौनपुर। शासन की विभिन्न ऋण योजनाओं में करीब 1.50 करोड़ रुपये का कथित फर्जी वितरण दिखाने के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन यानी ईओडब्ल्यू ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जोगेंद्र प्रसाद उर्फ योगेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है।
ईओडब्ल्यू के प्रेस नोट के मुताबिक आरोपी को 1 अक्टूबर 2026 की सुबह जौनपुर के जेसीज चौराहे से गिरफ्तार किया गया। वह गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के प्रेमापुर गांव का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2012-13 का है मामला
वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान जौनपुर में संयुक्त उत्तरदायी समूह योजना, स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड, कारीगर क्रेडिट कार्ड, ग्रामीण क्रेडिट कार्ड, सड़क परिवहन ऋण, ग्रामीण आवास ऋण, सौर ऊर्जा उपकरण ऋण, अपना घर योजना, वाहन ऋण और शिक्षा ऋण जैसी योजनाओं के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
ईओडब्ल्यू का आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और बिचौलिये ने आपराधिक साजिश के तहत कथित रूप से कूटरचित ऋण दस्तावेज, निकासी फॉर्म और लूज चेक का इस्तेमाल किया। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी ऋण वितरण दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन करने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार विवेचना के दौरान तीन आरोपियों की भूमिका सामने आई। मामले में थाना लाइन बाजार में मुकदमा संख्या 1324/2015 दर्ज है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद होगा।
जौनपुर में 1.50 करोड़ के कथित फर्जी ऋण वितरण मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, EOW ने की कार्रवाई
ईओडब्ल्यू ने सरकारी योजनाओं के अंतर्गत करीब 1.50 करोड़ रुपये के कथित फर्जी ऋण वितरण मामले में वांछित आरोपी जोगेंद्र प्रसाद उर्फ योगेंद्र प्रसाद को जौनपुर से गिरफ्तार किया है।
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मुख्य संपादक
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