शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास, मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं

एशियन गेम्स 2026: भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से मात दी। मुकाबले की शुरुआत काफी करीबी रही, लेकिन लवलीना ने पूरे मैच में संयम बनाए रखा और निर्णायकों को प्रभावित करने वाले क्लीन पंच लगाए। लवलीना की इस जीत के साथ एशियन गेम्स की महिला

P
Pawan Kumar

2 मिनट भारत

शेयर करें:
लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास, मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं
लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास, मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनीं

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में लवलीना का सामना चीन की बाओ जियी से हुआ, जहां उन्होंने अपने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 5-0 से जीत लिया। इस जीत के साथ भारत के खाते में एशियन गेम्स का 12वां गोल्ड मेडल जुड़ गया। लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि उन्होंने अपने जन्मदिन के दिन रिंग में उतरकर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

लवलीना बोरगोहेन की इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें भारतीय महिला बॉक्सिंग की खास उपलब्धियों वाली सूची में शामिल कर दिया है। वह मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं। मैरी कॉम ने 2014 एशियन गेम्स में महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं और अब एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल ने उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है। उनकी इस जीत को भारतीय बॉक्सिंग में महिला खिलाड़ियों के बढ़ते दबदबे के तौर पर भी देखा जा रहा है।

फाइनल मुकाबले में लवलीना ने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखा। उन्होंने अपनी लंबाई और रिंग में मूवमेंट का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए चीनी बॉक्सर को लगातार चुनौती दी। मुकाबला आगे बढ़ने के साथ लवलीना ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बाओ जियी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। जजों का सर्वसम्मत 5-0 फैसला लवलीना के पक्ष में रहा और इसी के साथ भारतीय बॉक्सर ने गोल्ड पर कब्जा जमा लिया। उनकी जीत के बाद भारतीय दल में खुशी का माहौल देखने को मिला।

लवलीना की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर गोल्ड मेडल जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए लंबे समय तक तैयारी, फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। लवलीना ने फाइनल में दबाव के बीच जिस तरह अपना खेल कायम रखा, उसने उनकी तैयारी और अनुभव को दिखाया। चीन की मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल करना उनके लिए एक यादगार उपलब्धि बन गया।

इस स्वर्ण पदक के साथ लवलीना ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय महिला बॉक्सिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है। मैरी कॉम के बाद अब लवलीना का एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक खास पड़ाव माना जा रहा है। अपने जन्मदिन पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लवलीना ने इस दिन को अपने करियर की सबसे यादगार तारीखों में शामिल कर लिया है। एशियन गेम्स 2026 में उनका यह गोल्ड भारत के पदक अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बन गया है।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →