महानदी जल विवाद: अमित शाह के साथ बैठे छत्तीसगढ़-ओडिशा के CM, बातचीत से हल पर सहमति
नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की बैठक हुई। दोनों राज्य महानदी जल विवाद को बातचीत और सहमति से सुलझाने पर राजी हुए।
छत्तीसगढ़ में महानदी — प्रतीकात्मक फोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच वर्षों से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। शुक्रवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए।
बैठक में दोनों राज्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि विवाद को टकराव के बजाय बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा, ताकि दोनों राज्यों के किसानों, नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हित सुरक्षित रहें।
छत्तीसगढ़ ने कहा कि महानदी का उद्गम राज्य में है और इसका बड़ा जलग्रहण क्षेत्र छत्तीसगढ़ में ही है। नदी का पानी यहां की खेती, सिंचाई, पेयजल और आदिवासी व ग्रामीण विकास से जुड़ा है। राज्य ने न्यायसंगत, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और लंबे समय तक चलने वाले समाधान की मांग रखी। साथ ही छत्तीसगढ़ ने माना कि हीराकुंड बांध ओडिशा की जीवनरेखा है और इसके लिए जरूरी सहयोग देने को तैयार है।
ओडिशा ने जताई उम्मीद
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बैठक के बाद कहा कि राज्य इस विवाद के समाधान के पहले से ज्यादा करीब है।
विवाद की मुख्य बातें
नदी: महानदी, उद्गम छत्तीसगढ़ में, बड़ा हिस्सा ओडिशा में बहता है
विवाद: पानी के बंटवारे और छत्तीसगढ़ में बने बैराजों को लेकर
महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण: 2018 में गठित
ओडिशा के लिए अहम: हीराकुंड बांध
अब: न्यायाधिकरण के साथ-साथ तकनीकी स्तर पर बातचीत
दोनों राज्यों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत भी साथ-साथ चल रही है, ताकि ऐसा समाधान निकले जो दोनों को मंजूर हो। अगर बातचीत से हल निकलता है, तो यह अंतरराज्यीय जल विवादों के लिए एक मिसाल बन सकता है।