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प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, बैरिकेडिंग हटाकर शिक्षा निदेशालय में घुसे प्रदर्शनकारी

पुरानी नियमावली से भर्ती परीक्षा कराने की मांग पर दूसरे दिन भी धरना, सुनवाई नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों ने उठाया कदम

Pawan Kumar

• रिपोर्टर व न्यूज़ संपादक

2 मिनट प्रयागराज

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प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, बैरिकेडिंग हटाकर शिक्षा निदेशालय में घुसे प्रदर्शनकारी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में TGT-PGT भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुरानी नियमावली के तहत परीक्षा कराने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय के सामने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का धैर्य दूसरे दिन जवाब दे गया। आरोप है कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद कोई अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा और उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग हटाई और शिक्षा निदेशालय परिसर में प्रवेश कर गए।

अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट रुख सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरे दिन भी धरना जारी रहने और अधिकारियों की ओर से बातचीत नहीं होने के आरोपों ने प्रदर्शनकारियों की नाराजगी बढ़ा दी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने बैरिकेड हटाकर निदेशालय में प्रवेश किया।

 अधिकारियों से बातचीत नहीं होने पर नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की शिकायत है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से उन्हें आश्वासन देने या उनकी समस्याएं सुनने के लिए कोई सामने नहीं आया। उनका सवाल है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभ्यर्थियों के साथ संवाद क्यों नहीं किया जा रहा है।

आंदोलन के बीच सरकार और प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती से जुड़े मामलों में समय पर संवाद और स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति न बने।

 पुरानी नियमावली से परीक्षा कराने की मांग

TGT-PGT अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि भर्ती परीक्षा पुरानी नियमावली के अनुसार कराई जाए। उनका कहना है कि भर्ती से संबंधित नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और अभ्यर्थियों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

फिलहाल इस मामले में अभ्यर्थियों की मांगों पर शिक्षा निदेशालय या संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या निर्णय लिया गया है, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति प्रशासन के रुख और अभ्यर्थियों के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी।

 आंदोलन से बढ़ा दबाव, आगे क्या होगा?

प्रयागराज में शिक्षा निदेशालय के सामने जारी प्रदर्शन ने भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हैं या नहीं और पुरानी नियमावली से परीक्षा कराने की मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।

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