वृंदावन: राधाष्टमी के पावन अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन पहुंचे और अपने गुरुदेव गौरांगीशरण महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह श्री राधा केली कुंज पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ श्रीराधा प्राकट्योत्सव मनाया।
सुबह साढ़े चार बजे पहुंचे वृंदावन
रिपोर्ट के अनुसार प्रेमानंद महाराज सुबह करीब 4:30 बजे यमुना पार स्थित यमुना विहार आश्रम से वृंदावन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने गुरु गौरांगीशरण महाराज के आश्रम जाकर उनका पूजन किया, राधाष्टमी की शुभकामनाएं दीं और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद प्रेमानंद महाराज श्री राधा केली कुंज पहुंचे। यहां लगभग दो घंटे तक भजन, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ राधाष्टमी उत्सव मनाया गया।
दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु
प्रेमानंद महाराज के वृंदावन पहुंचने की सूचना मिलते ही केली कुंज के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। कई भक्त तड़के चार बजे से ही दर्शन के लिए प्रतीक्षा कर रहे थे।
प्रेमानंद महाराज इन दिनों यमुना किनारे एकांतवास में साधना कर रहे हैं। उनके रात्रिकालीन पदयात्रा और एकांतिक वार्ता जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम फिलहाल स्थगित हैं। हालांकि प्रमुख धार्मिक उत्सवों के अवसर पर वह वृंदावन आकर गुरुदेव का आशीर्वाद लेते हैं और केली कुंज में श्रीराधाजी की सेवा-पूजा करते हैं।
सारांश: राधाष्टमी पर संत प्रेमानंद महाराज सुबह करीब 4:30 बजे वृंदावन पहुंचे। उन्होंने गुरु गौरांगीशरण महाराज का आशीर्वाद लिया और श्री राधा केली कुंज में लगभग दो घंटे तक उत्सव मनाया। उनके दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
राधाष्टमी पर केली कुंज पहुंचे प्रेमानंद महाराज, गुरुदेव से लिया आशीर्वाद
राधाष्टमी पर संत प्रेमानंद महाराज सुबह करीब 4:30 बजे वृंदावन पहुंचे। उन्होंने गुरु गौरांगीशरण महाराज का आशीर्वाद लिया और श्री राधा केली कुंज में लगभग दो घंटे तक उत्सव मनाया। उनके दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
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मुख्य संपादक
1 मिनट वृंदावन







