पुरी जगन्नाथ मंदिर से जुड़े कई रहस्य और परंपराएं सदियों से श्रद्धालुओं के बीच आस्था का विषय रहे हैं। इन्हीं में से एक मान्यता एकादशी माता की प्रतिमा से जुड़ी है, जिसे लेकर कहा जाता है कि मंदिर में उन्हें विशेष रूप से उलटी अवस्था में रखा गया है। इस परंपरा को लेकर भक्तों के बीच कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं।
मान्यताओं के अनुसार, जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा-पद्धति और रीति-रिवाजों का विशेष महत्व है। एकादशी माता से जुड़ी कथा में बताया जाता है कि भगवान जगन्नाथ ने धर्म और भक्तों की रक्षा के लिए एक विशेष लीला की थी, जिसके कारण यह परंपरा बनी। हालांकि, इस विषय से जुड़ी बातें धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित हैं।
पुरी की रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस भव्य आयोजन में मंदिर की परंपराएं और सदियों पुराने रीति-रिवाज लोगों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। जगन्नाथ मंदिर की ऐसी मान्यताएं ही इसे दुनिया के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान दिलाती हैं।







