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Sawan 2026: बैद्यनाथ धाम में कब-कैसे करें दर्शन? पढ़ लें टाइमिंग और गाइडलाइन

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान झारखंड के बैद्यनाथ धाम (देवघर) में लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन विशेष…

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V K Singh

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Sawan 2026: बैद्यनाथ धाम में कब-कैसे करें दर्शन? पढ़ लें टाइमिंग और गाइडलाइन

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान झारखंड के बैद्यनाथ धाम (देवघर) में लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन विशेष व्यवस्था और गाइडलाइन जारी करता है। अगर आप भी सावन 2026 में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो पहले दर्शन की टाइमिंग, प्रवेश व्यवस्था और जरूरी नियम जान लें।

कब खुलता है मंदिर?

सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर आम दिनों की तुलना में अधिक समय तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। प्रातः मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट दर्शन और जलाभिषेक के लिए खोल दिए जाते हैं। दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें रहती हैं और विशेष अवसरों पर दर्शन का समय देर रात तक बढ़ाया जा सकता है।

दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था

  • श्रद्धालुओं को निर्धारित कतार (Queue) के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाता है।
  • सामान्य दर्शन और जलाभिषेक के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा सकती हैं।
  • प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है।
  • भीड़ अधिक होने पर बैरिकेडिंग और चरणबद्ध प्रवेश की व्यवस्था लागू की जाती है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी गाइडलाइन

  • मंदिर पहुंचने से पहले पहचान पत्र अपने साथ रखें।
  • केवल अनुमति प्राप्त पूजा सामग्री ही मंदिर परिसर में ले जाएं।
  • मोबाइल, कैमरा या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
  • प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा कतार व्यवस्था न तोड़ें।
  • बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मेडिकल सहायता केंद्र का उपयोग करें।

कांवरियों के लिए विशेष व्यवस्था

सावन में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवरियों के लिए अलग मार्ग, विश्राम स्थल, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जाती है। प्रशासन समय-समय पर ट्रैफिक डायवर्जन और रूट प्लान भी जारी करता है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दर्शन से पहले रखें इन बातों का ध्यान

यदि आप भीड़ से बचना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी या प्रशासन द्वारा सुझाए गए समय पर मंदिर पहुंचना बेहतर माना जाता है। यात्रा से पहले मौसम, ट्रैफिक और मंदिर प्रशासन की नवीनतम सूचना अवश्य जांच लें। विशेष पर्व और सोमवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।

सावन के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धा के साथ-साथ प्रशासनिक नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। सही योजना और आवश्यक तैयारियों के साथ आपकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकती है।

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