**श्राद्ध पक्ष में चींटियों को दाना, पितरों के नाम पुण्य की अनोखी परंपरा**
राजस्थान के जालोर जिले के निम्बावास गांव में श्राद्ध पक्ष के दौरान आस्था और जीवदया से जुड़ी एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। यहां स्थित कीड़ी नगरा में श्रद्धालु चींटियों को आटा, शक्कर और अनाज अर्पित करते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार, चींटियों समेत छोटे जीवों को अन्न खिलाना पुण्य का काम माना जाता है और इसे पितरों के निमित्त किए जाने वाले दान से जोड़कर देखा जाता है।
भीनमाल से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित कीड़ी नगरा लगभग 150 बीघा क्षेत्र में फैला बताया जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां बड़ी संख्या में चींटियां प्राकृतिक रूप से रहती हैं और उनका आकार सामान्य चींटियों से बड़ा बताया जाता है। अमावस्या और पूर्णिमा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है और मेले जैसा माहौल बन जाता है। जालोर, सिरोही और पाली के अलावा गुजरात से भी लोग यहां पहुंचते हैं।








