हेल्थ डेस्क। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिनों तक चले अनशन के बाद लोगों के मन में एक सवाल लगातार उठ रहा है कि अगर कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक उपवास या अनशन करने के बाद अचानक भरपेट खाना खा ले, तो शरीर पर उसका क्या असर पड़ सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न मिलने के बाद शरीर की पाचन प्रक्रिया और मेटाबॉलिज्म काफी धीमा हो जाता है। ऐसे में एकदम से भारी भोजन करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अचानक भरपेट खाने से क्या हो सकता है?
लंबे उपवास के बाद एक साथ ज्यादा खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी, गैस, अपच, दस्त और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा शरीर को भोजन पचाने में कठिनाई होती है, क्योंकि लंबे समय तक कम भोजन मिलने के कारण पाचन तंत्र धीरे-धीरे काम करने लगता है।
हो सकता है ‘रीफीडिंग सिंड्रोम’ का खतरा
डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक अधिक मात्रा में भोजन, खासकर कार्बोहाइड्रेट, लेने से कुछ लोगों में रीफीडिंग सिंड्रोम (Refeeding Syndrome) का खतरा हो सकता है। इस स्थिति में शरीर में फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम हो सकते हैं, जिससे कमजोरी, मांसपेशियों की समस्या, हृदय की धड़कन में गड़बड़ी और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। इसलिए लंबे अनशन के बाद भोजन शुरू करना आमतौर पर चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है।








