नई दिल्ली:
आजकल युवाओं में तेजी से मसल्स बनाने और आकर्षक शरीर पाने की चाहत के चलते बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड और हार्मोनल सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका एक गंभीर दुष्प्रभाव गाइनेकोमैस्टिया (Gynecomastia) हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पुरुषों या किशोर लड़कों के स्तन ऊतक (Breast Tissue) असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं, जिससे छाती का आकार महिलाओं के स्तनों जैसा दिखाई देने लगता है।
गाइनेकोमैस्टिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन के बीच असंतुलन माना जाता है। जब पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है या महिला हार्मोन एस्ट्रोजन का प्रभाव अपेक्षाकृत बढ़ जाता है, तो स्तन ऊतक का विकास शुरू हो सकता है। यह समस्या किशोरावस्था, बढ़ती उम्र या कुछ बीमारियों के कारण भी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिम में बिना चिकित्सकीय सलाह के लिए जाने वाले एनाबॉलिक स्टेरॉयड इस समस्या का एक प्रमुख कारण बन सकते हैं। शरीर में पहुंचने के बाद कुछ स्टेरॉयड एस्ट्रोजन में बदल जाते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और ब्रेस्ट टिश्यू बढ़ने लगता है। इसके अलावा कुछ दवाइयां, मोटापा, लिवर या किडनी की बीमारी, थायरॉयड संबंधी समस्याएं और कुछ दुर्लभ हार्मोनल विकार भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।








