शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं और मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार भीड़ को संभालने के लिए मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। श्रद्धालु मां के चरण नहीं छू सकेंगे, लेकिन रोज करीब 20 घंटे दर्शन होते रहेंगे।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अगुवाई में जिला प्रशासन और पंडा समाज के बीच हुई बैठक में मेले की व्यवस्थाओं पर फैसले लिए गए। अधिकारियों को सभी तैयारियां 8 अक्टूबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

दर्शन का समय और नियम
- नवरात्र की शुरुआत: 11 अक्टूबर 2026
- दर्शन: रोज लगभग 20 घंटे, बाकी समय पूजा-अनुष्ठान
- सुबह और शाम के श्रृंगार के समय एक-एक घंटे पट बंद
- गर्भगृह में प्रवेश और चरण स्पर्श पर रोक
- VIP दर्शन: दोपहर दो बजे के बाद, ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो
गंगा का जलस्तर बढ़ा, लगेंगे फ्लोटिंग बैरिकेड
गंगा का जलस्तर बढ़ा होने से प्रशासन इस बार घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग की तैयारी कर रहा है। नाव से आने-जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और नाव संचालन के नियम सख्त किए गए हैं। अखाड़ा घाट पर जमा सिल्ट, अधूरी रेलवे स्टेशन रोड और टूटी नालियां अब भी चुनौती बनी हुई हैं। रास्तों की मरम्मत 4 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।





