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नवरात्र 2026: विंध्याचल के गर्भगृह में प्रवेश बंद, रोज 20 घंटे दर्शन, VIP दोपहर 2 बजे से

11 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र में मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। श्रद्धालु रोज 20 घंटे दर्शन कर सकेंगे, VIP दर्शन दोपहर दो बजे से होंगे और नाव से आने वालों के लिए लाइफ जैकेट जरूरी होगी।

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मुख्य संपादक

2 मिनट मिर्जापुर

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नवरात्र 2026: विंध्याचल के गर्भगृह में प्रवेश बंद, रोज 20 घंटे दर्शन, VIP दोपहर 2 बजे से
मां विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल — प्रतीकात्मक फोटो: Rasvihari mishra / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं और मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार भीड़ को संभालने के लिए मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। श्रद्धालु मां के चरण नहीं छू सकेंगे, लेकिन रोज करीब 20 घंटे दर्शन होते रहेंगे।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अगुवाई में जिला प्रशासन और पंडा समाज के बीच हुई बैठक में मेले की व्यवस्थाओं पर फैसले लिए गए। अधिकारियों को सभी तैयारियां 8 अक्टूबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

मां विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल
मां विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल — प्रतीकात्मक फोटो: Ramshankaryadav / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

दर्शन का समय और नियम

  • नवरात्र की शुरुआत: 11 अक्टूबर 2026
  • दर्शन: रोज लगभग 20 घंटे, बाकी समय पूजा-अनुष्ठान
  • सुबह और शाम के श्रृंगार के समय एक-एक घंटे पट बंद
  • गर्भगृह में प्रवेश और चरण स्पर्श पर रोक
  • VIP दर्शन: दोपहर दो बजे के बाद, ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो

गंगा का जलस्तर बढ़ा, लगेंगे फ्लोटिंग बैरिकेड

गंगा का जलस्तर बढ़ा होने से प्रशासन इस बार घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग की तैयारी कर रहा है। नाव से आने-जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और नाव संचालन के नियम सख्त किए गए हैं। अखाड़ा घाट पर जमा सिल्ट, अधूरी रेलवे स्टेशन रोड और टूटी नालियां अब भी चुनौती बनी हुई हैं। रास्तों की मरम्मत 4 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।

प्रसाद में मिलेगा पौधा

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत मेले में श्रद्धालुओं को पौधे भी दिए जाएंगे, ताकि वे इन्हें अपने घर पर लगा सकें। त्रिकोण मार्ग और मोतिया तालाब से सीता कुंड तक के रास्तों पर एलईडी रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए सलाह

भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या देर रात दर्शन की योजना बनाएं, कीमती सामान साथ न रखें और प्रशासन की ओर से तय रास्तों का ही इस्तेमाल करें। बच्चों और बुजुर्गों के साथ जाएं तो उनकी जेब में मोबाइल नंबर लिखी पर्ची जरूर रखें।

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