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WhatsApp Business पर बड़ा बदलाव: अब Token के हिसाब से लगेगा चार्ज, Meta ने बदला पूरा प्राइसिंग सिस्टम

अगर आपकी कंपनी या बिजनेस WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल ग्राहकों से बातचीत, ऑर्डर मैनेजमेंट या AI चैटबॉट के जरिए सपोर्ट देने के लिए करती है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। Meta ने WhatsApp Business की प्राइसिंग में बड़ा बदलाव करते हुए नया Token-Based…

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V K Singh

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WhatsApp Business पर बड़ा बदलाव: अब Token के हिसाब से लगेगा चार्ज, Meta ने बदला पूरा प्राइसिंग सिस्टम

अगर आपकी कंपनी या बिजनेस WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल ग्राहकों से बातचीत, ऑर्डर मैनेजमेंट या AI चैटबॉट के जरिए सपोर्ट देने के लिए करती है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। Meta ने WhatsApp Business की प्राइसिंग में बड़ा बदलाव करते हुए नया Token-Based Pricing Model लागू करने का ऐलान किया है। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी।

अब तक WhatsApp Business Platform पर कई सेवाओं के लिए कंपनियों से प्रति मैसेज (Per Message) के आधार पर शुल्क लिया जाता था। लेकिन नए नियम के तहत Meta Business Agent का उपयोग करने वाली कंपनियों से अब AI द्वारा किए गए कार्य के आधार पर टोकन (Token) के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। यानी AI जितना अधिक डेटा प्रोसेस करेगा और जितना बड़ा जवाब तैयार करेगा, उतने अधिक टोकन खर्च होंगे और उसी के अनुसार बिल बनेगा।

Meta का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि अब WhatsApp Business पर AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। Meta Business Agent ग्राहकों के सवालों के जवाब देने, उत्पादों की सिफारिश करने, अपॉइंटमेंट बुक करने, लीड जनरेट करने और 24 घंटे ग्राहक सहायता जैसी सुविधाएं देता है। ऐसे में केवल मैसेज की संख्या के बजाय AI की वास्तविक प्रोसेसिंग क्षमता के आधार पर शुल्क लेना अधिक उपयुक्त माना गया है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए यह टोकन-आधारित मॉडल लागू होगा, जबकि कुछ छोटे व्यवसायों के लिए Meta Business Agent की सुविधा WhatsApp Business Premium के चुनिंदा प्लान्स में शामिल की जा सकती है।

इसके अलावा Meta ने एक और अहम बदलाव की घोषणा की है। कंपनी 1 अक्टूबर 2026 से कुछ Service Messages पर फिर से शुल्क लेना शुरू करेगी। यानी ऐसे गैर-टेम्पलेट मैसेज, जो Meta Business Agent द्वारा जनरेट नहीं किए जाएंगे, वे दोबारा चार्जेबल होंगे। इससे पहले इन संदेशों पर लगभग दो वर्षों तक शुल्क में राहत दी गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि नया मॉडल उन कंपनियों के लिए अधिक फायदेमंद हो सकता है जो AI का सीमित उपयोग करती हैं, जबकि भारी मात्रा में AI चैटबॉट चलाने वाले बड़े कारोबारों की लागत बढ़ सकती है। इससे कंपनियां AI के उपयोग को अधिक प्रभावी और नियंत्रित तरीके से अपनाने पर ध्यान देंगी।

भारत Meta के लिए WhatsApp Business का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। देश में लाखों छोटे और बड़े व्यवसाय WhatsApp के जरिए ग्राहकों तक पहुंचते हैं। ऐसे में Meta की नई प्राइसिंग पॉलिसी का असर ई-कॉमर्स, बैंकिंग, ट्रैवल, हेल्थकेयर और अन्य कई उद्योगों पर देखने को मिल सकता है।

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