शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

Yogi Adityanath: UP में सरकारी नौकरी के नए नियम, BJP-SP आमने-सामने!

यूपी में सरकारी नौकरी के नियम सख्त, गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगी नौकरी; BJP-SP आमने-सामने

Shubhi Mishra

• Sr Video Editor, Lucknow

3 मिनट lucknow

शेयर करें:
Yogi Adityanath: UP में सरकारी नौकरी के नए नियम, BJP-SP आमने-सामने!

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। सरकार ने अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन (Character Verification) को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत चरित्र सत्यापन पूरा होने से पहले भी अभ्यर्थियों को प्रोविजनल नियुक्ति दी जा सकेगी, लेकिन गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा।

नई नीति के अनुसार हत्या, दुष्कर्म, पेपर लीक, नकल कराने वाले गिरोह, धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड जैसे गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इसके अलावा, यदि कोई उम्मीदवार अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसकी नियुक्ति भी रद्द की जा सकती है।

सरकार ने पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को भी विस्तृत किया है। अब अभ्यर्थियों के गृह जिले के साथ-साथ उन जिलों में भी पुलिस जांच कराई जाएगी, जहां उन्होंने पिछले पांच वर्षों के दौरान एक साल से अधिक समय बिताया है। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी सेवाओं में योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
नए नियमों पर BJP और समाजवादी पार्टी आमने-सामने
योगी सरकार के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि रोजगार मांगने वाले युवाओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है। सपा का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना युवाओं का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को युवाओं को डराने के बजाय रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
BJP ने किया योगी सरकार के फैसले का समर्थन
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। बीजेपी नेता आलोक अवस्थी का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का अधिकार जनता को चुनाव के माध्यम से मिलता है। लेकिन हिंसा के जरिए सरकार या व्यवस्था बदलने की कोशिश करने वाले लोगों को सरकारी नौकरी से दूर रखना जरूरी है।

बीजेपी का तर्क है कि सरकारी सेवाओं में ऐसे लोगों को जगह नहीं मिलनी चाहिए, जो हिंसक गतिविधियों में शामिल हों या लोकतांत्रिक व्यवस्था को हिंसा के जरिए बदलने का प्रयास करें।
चरित्र प्रमाण पत्र को लेकर भी सख्ती
उत्तर प्रदेश सरकार ने चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के नियमों को भी सख्त किया है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे संगठनों से जुड़े लोगों की पात्रता की जांच की जाएगी, जिनका उद्देश्य हिंसक गतिविधियों के जरिए सरकार या व्यवस्था में बदलाव करना है।

फिलहाल इस फैसले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बहस जारी है। एक तरफ सरकार इसे सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन से जोड़कर देख रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस नीति को लेकर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →