सिरोही (राजस्थान)। राज्य में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने शिक्षा विभाग की नई बिड प्रक्रिया और ठेका व्यवस्था को लेकर गंभीर नाराजगी जताई है। प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है और सरकार एक बार फिर अस्थिर ठेका आधारित प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे हजारों प्रशिक्षकों का भविष्य संकट में पड़ गया है।

प्रशिक्षकों ने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान में देरी, सेवा सुरक्षा का अभाव और भविष्य की अनिश्चितता जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उनका कहना है कि कौशल शिक्षा को मजबूत करने के बजाय विभाग बार-बार टेंडर आधारित मॉडल को आगे बढ़ा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है और प्रशिक्षकों का मनोबल गिर रहा है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी नीति बनाकर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का भी रुख किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जिन कंपनियों पर पहले से बकाया भुगतान और अनियमितताओं के आरोप हैं, उन्हें फिर से टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने का औचित्य क्या है।