बुधवार, 30 सितंबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

दिशा सालियान केस की FIR कॉपी सीलबंद लिफाफे में जाएगी, हाईकोर्ट ने कौन से सबूत मांगे?

मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच एक बार फिर तेज हो गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब FIR की कॉपी…

V
V K Singh

3 मिनट

शेयर करें:
दिशा सालियान केस की FIR कॉपी सीलबंद लिफाफे में जाएगी, हाईकोर्ट ने कौन से सबूत मांगे?

मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच एक बार फिर तेज हो गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब FIR की कॉपी बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अदालत ने पुराने मामले से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया है।

CBI ने 13 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर के निर्देश के बाद हुई। अदालत ने दिशा के पिता सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। CBI ने फिलहाल अज्ञात आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने क्या मांगा?

जांच शुरू होते ही CBI ने मुंबई पुलिस और मालवानी पुलिस स्टेशन से दिशा सालियान की मौत से जुड़े मूल दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मांगे हैं। इनमें सबसे अहम दस्तावेजों में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR No. 85/2020), पोस्टमार्टम रिपोर्ट, केस डायरी और अन्य डिजिटल एविडेंस शामिल हैं। इन सभी रिकॉर्ड की नए सिरे से जांच की जाएगी।

इसके अलावा जांच एजेंसी घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की भी पड़ताल करेगी। CBI यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा की मौत के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और क्या इस मामले में आपराधिक साजिश, हत्या या अन्य गंभीर अपराध से जुड़े तथ्य मौजूद हैं।

FIR में कौन-कौन सी धाराएं?

CBI की FIR में आपराधिक साजिश से जुड़ी IPC की धारा 120-B, सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा 376-D, हत्या के लिए धारा 302 और साक्ष्य मिटाने या गलत जानकारी देने से जुड़ी धारा 201 शामिल है। इसके अलावा लोक सेवकों की ओर से कानून की अवहेलना या गलत रिकॉर्ड तैयार करने से संबंधित धाराएं 217 और 218 भी लगाई गई हैं।

हालांकि, इन धाराओं का FIR में शामिल होना अपने आप में आरोप साबित नहीं करता। जांच के दौरान CBI को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह तय करना होगा कि वास्तव में कौन से अपराध हुए और उनकी जिम्मेदारी किसकी बनती है।

दिशा के पिता ने उठाए थे कई सवाल

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उनकी मौत को आत्महत्या मानने वाली पुरानी जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की सही तरीके से जांच नहीं हुई। उनके दावों में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक नमूनों, CCTV फुटेज और लोकेशन डेटा से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी। शुरुआती पुलिस जांच में इसे आकस्मिक मौत के मामले के तौर पर दर्ज किया गया था और बाद की जांच में आत्महत्या की थ्योरी सामने आई थी। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।

सीलबंद लिफाफे में क्यों जाएगी FIR?

मंगलवार को CBI की FIR की प्रति बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश किए जाने की बात सामने आई है। इसका मतलब है कि अदालत मामले की जांच और FIR से जुड़े संवेदनशील विवरणों को न्यायिक निगरानी में देखेगी। जांच की आगे की प्रक्रिया भी हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।

अब इस मामले में सबसे अहम बात यह होगी कि CBI को पुराने रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में क्या मिलता है। करीब छह साल पुराने मामले में साक्ष्यों की स्थिति भी जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी। एजेंसी को पुराने दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और बयानों को जोड़कर घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने लानी होगी।

फिलहाल दिशा सालियान केस में CBI की नई जांच ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। हाईकोर्ट के सामने FIR सीलबंद लिफाफे में पेश किए जाने और पुराने रिकॉर्ड व डिजिटल साक्ष्यों की दोबारा जांच से आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →