नई दिल्ली। निशु आजाद के पिता संजय कुमार से जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट का मामला शुक्रवार को उस समय फिर गरमा गया, जब CJP नेताओं के साथ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद मार्ग थाने पहुंचे। चंद्रशेखर आजाद और पुलिस अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक के बाद उन्होंने पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी दी।
72 घंटे में गिरफ्तारी का दावा
चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें बताया है कि मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की अगले 72 घंटे में गिरफ्तारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार फिलहाल डरा हुआ है और उसकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता जरूरी है।
चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि पुलिस BNS की धारा 109, जो हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान है, लगाने पर सहमत हुई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।
थाने के बाहर जुटे CJP समर्थक
इस मामले को लेकर CJP के नेता और समर्थक संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे थे। उनकी मांग थी कि संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चंद्रशेखर आजाद के साथ CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने भी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।
पुलिस से मुलाकात के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और अधिकारियों ने मामले में कानून के अनुसार आगे बढ़ने का भरोसा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़प से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, संजय कुमार को झड़प के दौरान एक व्यक्ति के हाथ में पहने कड़े से सिर में चोट लगी थी। उन्हें RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था। पुलिस ने राजनीतिक दबाव में कार्रवाई होने के आरोपों से इनकार किया है।
बाद में स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर संजय कुमार के साथ मारपीट करने का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया और पुलिस पर कार्रवाई तेज करने का दबाव बढ़ा।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर है। चंद्रशेखर आजाद के अनुसार, 72 घंटे की समयसीमा में गिरफ्तारी की दिशा में कदम उठाया जा सकता है, जबकि हत्या के प्रयास से संबंधित धारा जोड़ने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले में कार्रवाई कानून और जांच के आधार पर की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।








