BRICS Summit 2026 LIVE: नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हैं। राजधानी को सम्मेलन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है और दुनिया की नजरें इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। सम्मेलन में BRICS देशों के नेता वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था,…
BRICS Summit 2026 LIVE: नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हैं। राजधानी को सम्मेलन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है और दुनिया की नजरें इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। सम्मेलन में BRICS देशों के नेता वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार और आपसी सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी जल्द दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। दोनों नेताओं की मौजूदगी इस सम्मेलन को खास बना रही है। भारत के लिए भी यह शिखर सम्मेलन वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
BRICS समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ अब कई नए सदस्य देश भी शामिल हैं। समूह का विस्तार होने के बाद इसकी वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक अहमियत और बढ़ी है। ऐसे में इस सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, विकास, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
नई दिल्ली में सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। प्रमुख स्थानों और कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सम्मेलन से जुड़े मार्गों और प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है।
सबसे ज्यादा नजर भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेताओं की संभावित मुलाकातों पर रहेगी। वैश्विक स्तर पर चल रहे विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रमों के बीच इन देशों के नेताओं की बातचीत को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा BRICS के जरिए विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रह सकता है।
BRICS Summit 2026 के दौरान भारत अपनी प्राथमिकताओं और वैश्विक मुद्दों पर अपना पक्ष मजबूती से रख सकता है। सम्मेलन में होने वाली बैठकों और नेताओं के बयानों से आने वाले दिनों की कूटनीतिक दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली पहुंचने और शी जिनपिंग के आगमन को लेकर सम्मेलन का माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।