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भारत में फॉर्मूला-1 और मोटरस्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा, टास्क फोर्स का गठन

नई दिल्ली। भारत में मोटरस्पोर्ट्स और फॉर्मूला-1 जैसी अंतरराष्ट्रीय रेसिंग प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देश में मोटरस्पोर्ट्स के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन और इस क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे को…

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V K Singh

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भारत में फॉर्मूला-1 और मोटरस्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा, टास्क फोर्स का गठन

नई दिल्ली। भारत में मोटरस्पोर्ट्स और फॉर्मूला-1 जैसी अंतरराष्ट्रीय रेसिंग प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देश में मोटरस्पोर्ट्स के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन और इस क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक टास्क फोर्स के गठन की पहल की गई है। इस कदम से भारत में रेसिंग और मोटरस्पोर्ट्स के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

टास्क फोर्स का उद्देश्य भारत में मोटरस्पोर्ट्स के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित इकोसिस्टम तैयार करना होगा। इसके तहत रेसिंग ट्रैक, प्रशिक्षण सुविधाओं, खिलाड़ियों और तकनीकी विशेषज्ञों के विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा सकता है। इससे भारत में मोटरस्पोर्ट्स को केवल मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक संगठित खेल के रूप में विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारत में मोटरस्पोर्ट्स के प्रति युवाओं की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। खासकर फॉर्मूला-1 और अन्य अंतरराष्ट्रीय रेसिंग प्रतियोगिताओं ने देश में बड़ी संख्या में प्रशंसक तैयार किए हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने से भारतीय ड्राइवरों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के अधिक अवसर मिल सकते हैं।

फॉर्मूला-1 की भारत में वापसी की उम्मीद

भारत में पहले भी फॉर्मूला-1 रेस का आयोजन हो चुका है। ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर आयोजित इंडियन ग्रां प्री ने देश को वैश्विक मोटरस्पोर्ट्स कैलेंडर में जगह दिलाई थी। हालांकि बाद में भारत में फॉर्मूला-1 रेस का आयोजन बंद हो गया। अब मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए टास्क फोर्स का गठन होने से भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय रेसिंग आयोजनों की संभावनाओं को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

हालांकि, फॉर्मूला-1 जैसे बड़े आयोजन की वापसी केवल रेस ट्रैक उपलब्ध होने से संभव नहीं होती। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स, दर्शकों के लिए सुविधाएं, परिवहन व्यवस्था और बड़े स्तर पर निवेश की जरूरत होती है। टास्क फोर्स इन तमाम पहलुओं का अध्ययन कर आगे की रणनीति तैयार कर सकती है।

भारतीय रेसिंग प्रतिभाओं को मिल सकता है फायदा

मोटरस्पोर्ट्स के विकास का सबसे बड़ा फायदा देश के युवा रेसिंग ड्राइवरों और तकनीकी प्रतिभाओं को मिल सकता है। वर्तमान में भारतीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए विदेशों में प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का सहारा लेना पड़ता है। देश में बेहतर सुविधाएं विकसित होने से उन्हें शुरुआती स्तर से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने की संभावना बढ़ेगी।

इसके अलावा इंजीनियरिंग, वाहन तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, मैकेनिक्स, टीम मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। मोटरस्पोर्ट्स से जुड़ा एक मजबूत इकोसिस्टम ऑटोमोबाइल उद्योग और पर्यटन क्षेत्र के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

भारत दुनिया के प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजारों में शामिल है और यहां इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर हाई-परफॉर्मेंस कारों तक ऑटोमोबाइल तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देना ऑटोमोबाइल और तकनीकी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टास्क फोर्स के जरिए अगर देश में मोटरस्पोर्ट्स के लिए स्पष्ट नीति, बेहतर आधारभूत ढांचा और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाता है, तो भारत एशिया के प्रमुख मोटरस्पोर्ट्स केंद्रों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

फिलहाल टास्क फोर्स के गठन को भारत में मोटरस्पोर्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसकी सिफारिशों और सरकार की आगे की रणनीति से यह स्पष्ट होगा कि भारत में फॉर्मूला-1 और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों को किस तरह बढ़ावा दिया जाता है।

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