भोपाल के चर्चित फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले में अब जांच कर रही पुलिस ही सवालों के घेरे में आ गई है। तृप्ति सिंह के खिलाफ ठगी की शिकायत लेकर पहुंची एक युवती ने जांच अधिकारी पर रिश्वत मांगने और पैसे नहीं देने पर उसे भी मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया
भोपाल के चर्चित फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले में अब जांच कर रही पुलिस ही सवालों के घेरे में आ गई है। तृप्ति सिंह के खिलाफ ठगी की शिकायत लेकर पहुंची एक युवती ने जांच अधिकारी पर रिश्वत मांगने और पैसे नहीं देने पर उसे भी मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत सामने आने के बाद बागसेवनिया थाने में तैनात ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बैतूल निवासी ख्याति ने तृप्ति सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप है कि तृप्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर ख्याति से करीब तीन लाख रुपये लिए थे। इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस अधिकारी ASI मनोज शर्मा का नाम सामने आया।
ख्याति का आरोप है कि जांच अधिकारी ने उससे कथित तौर पर पैसे की मांग की। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर तृप्ति सिंह के बैंक खाते से उसके खाते में आई रकम को आधार बनाकर उसे भी मामले में आरोपी बनाने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की।
ASI और हवलदार पर कार्रवाई
शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। भोपाल के जोन-2 डीसीपी विकास शहवाल के निर्देश पर ASI मनोज शर्मा और हवलदार सुनील राठौर को बागसेवनिया थाने से हटाकर पुलिस लाइन से अटैच किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों की जांच की जा रही है। सामने आए आरोपों की अभी जांच पूरी नहीं हुई है और दोनों पुलिसकर्मियों का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए रिश्वत मांगने के आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
तृप्ति सिंह पर ठगी के कई मामले
दरअसल, यह पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब तृप्ति सिंह पर खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने और अन्य काम कराने के नाम पर कथित तौर पर ठगी करने के आरोप लगे। भोपाल के बागसेवनिया थाने में उनके खिलाफ कई शिकायतें और मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तृप्ति सिंह सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के बीच खुद को प्रभावशाली अधिकारी के तौर पर पेश करती थीं। उनके खिलाफ भोपाल के अलावा अशोकनगर में भी मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
वायरल वीडियो से भी जुड़ा मामला
तृप्ति सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उनके साथ दो युवतियां भी दिखाई दे रही थीं। शुरुआत में वीडियो को विधानसभा परिसर से जोड़कर देखा गया, लेकिन पुलिस की जांच में इसकी लोकेशन मानव संग्रहालय की संकुल वीथि बताई गई।
बाद की जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो में दिखाई देने वाली युवतियां भी कथित तौर पर तृप्ति सिंह की ठगी का शिकार हुई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, उनसे भी नौकरी या अधिकारी बनाने के नाम पर पैसे लिए गए थे।
अब पुलिस जांच पर भी नजर
फर्जी IAS मामले में पहले से ही ठगी और फर्जी पहचान को लेकर जांच चल रही थी। अब शिकायतकर्ता से पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
एक तरफ पुलिस तृप्ति सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों और उनके कथित नेटवर्क की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ ASI और हवलदार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया जाना विभाग की ओर से उठाया गया प्रारंभिक कदम है। रिश्वत मांगने के आरोप सही हैं या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।