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मुंबई पोर्ट पर 140 टन का कार्गो उठाते वक्त क्रेन में लगी आग, 2 ऑपरेटर घायल; जांच शुरू

मुंबई पोर्ट पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 140 मीट्रिक टन वजन का कार्गो उठाने के दौरान एक क्रेन में आग लग गई। हादसे में क्रेन के दो ऑपरेटर घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पोर्ट की दमकल टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के

V
V K Singh

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मुंबई पोर्ट पर 140 टन का कार्गो उठाते वक्त क्रेन में लगी आग, 2 ऑपरेटर घायल; जांच शुरू

मुंबई पोर्ट पर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 140 मीट्रिक टन वजन का कार्गो उठाने के दौरान एक क्रेन में आग लग गई। हादसे में क्रेन के दो ऑपरेटर घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पोर्ट की दमकल टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

हादसे के बाद पोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति रही। फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

140 टन का कार्गो उठाते समय हुआ हादसा

पुलिस के मुताबिक, बारबाडोस के झंडे वाला ‘विएना’ नाम का वेसल मुंबई पोर्ट पर मौजूद था। वेसल में रखा करीब 140 मीट्रिक टन वजन का कार्गो बरकत कंपनी की दो क्रेनों की मदद से बाहर निकाला जा रहा था।

कार्गो को उठाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक एक क्रेन से कार्गो को बांधने वाला पट्टा असंतुलित होकर निकल गया। इसके बाद कार्गो का पूरा भार दूसरी क्रेन पर आ गया।

अचानक बढ़े वजन के कारण दूसरी क्रेन जमीन से ऊपर उठ गई और उसका संतुलन बिगड़ गया।

वेसल से टकराया क्रेन का बूम

कार्गो का भार दूसरी क्रेन पर आने के बाद उसका आगे लगा टेलिस्कोपिक बूम ऊपर उठ गया। इसी दौरान बूम वेसल से टकरा गया।

टक्कर और उसके बाद हुए घर्षण के कारण क्रेन में आग लग गई। देखते ही देखते मौके पर धुआं और आग दिखाई देने लगी, जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना तत्काल मुंबई पोर्ट के अग्निशमन दल को दी गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया और जल्द ही आग पर नियंत्रण पा लिया।

दो क्रेन ऑपरेटर घायल

इस हादसे में बरकत कंपनी के दो क्रेन ऑपरेटर घायल हुए हैं। उनकी पहचान रणजीत सिंह और निशांत सिंह के रूप में हुई है।

दोनों घायलों को इलाज के लिए सेंट जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है और उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

फिलहाल हादसे में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

येलोगेट पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद मुंबई पुलिस के येलोगेट पुलिस स्टेशन की टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्गो को उठाने के दौरान पट्टा किस वजह से निकला और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।

इसके अलावा क्रेन की तकनीकी स्थिति, कार्गो को बांधने की प्रक्रिया और ऑपरेशन के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा सकती है।

कार्गो का पट्टा निकलना बना बड़ा सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल कार्गो को बांधने वाले पट्टे के निकलने को लेकर उठ रहा है। करीब 140 टन वजन के कार्गो को उठाते समय किसी एक क्रेन का भार हट जाना बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

इस घटना में भी पट्टा निकलने के बाद पूरा भार दूसरी क्रेन पर चला गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और बूम वेसल से जा टकराया।

अगर उस समय क्रेन या कार्गो के नीचे कोई कर्मचारी मौजूद होता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। यही वजह है कि पोर्ट जैसे संवेदनशील और भारी मशीनरी वाले क्षेत्र में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पुराने हादसों से सबक लेने की जरूरत

मुंबई पोर्ट जैसे व्यस्त इलाके में भारी वजन उठाने वाली क्रेन का इस्तेमाल नियमित रूप से होता है। ऐसे ऑपरेशन में छोटी सी तकनीकी या मानवीय चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है।

इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कार्गो उठाने से पहले सभी सुरक्षा जांच पूरी तरह की गई थीं। कार्गो बांधने वाले उपकरणों की क्षमता, उनकी स्थिति और वजन के हिसाब से उनकी फिटिंग की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है और दोनों घायल ऑपरेटरों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस और संबंधित अधिकारी हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

140 टन के कार्गो को उठाते समय पट्टा निकलना, क्रेन का संतुलन बिगड़ना और बूम का वेसल से टकराना इस दुर्घटना की मुख्य कड़ियां सामने आई हैं। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा प्रक्रिया में कहां चूक हुई और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

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