सुल्तानपुर: गल्ला मंडी की नजूल जमीन का पट्टा निजी हाथों में, व्यापारियों ने सीएम से मांगी जांच
4 अक्टूबर 2026 को 11:59 am बजे
सुल्तानपुर शहर के बीचोंबीच स्थित अमेठी बाड़ा गल्ला मंडी की नजूल जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंडी के व्यापारियों और किरायेदारों ने प्रेस वार्ता कर सवाल उठाया कि अदालत से करीब नौ बार मौका मिलने के बावजूद नगर पालिका ने मुकदमे में अपना पक्ष क्यों नहीं रखा। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्या है मामला • व्यापारियों के मुताबिक गाटा संख्या 442 से 480 तक की भूमि नजूल यानी सरकारी संपत्ति है, जिस पर नगर पालिका की गल्ला मंडी और सैकड़ों किरायेदार हैं। • 1958 में इसका पट्टा नगर पालिका के पक्ष में हुआ था। 1966 से इस पर मुकदमा चल रहा है। • व्यापारियों का आरोप है कि 31 जुलाई 2025 को पैरवी न होने से मामला खारिज हुआ और 17 मार्च 2026 को जमीन का पट्टा निजी पक्ष के नाम पंजीकृत हो गया। नगर पालिका का पक्ष नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि किसी व्यापारी को नोटिस जारी नहीं हुआ है और नगर पालिका ने हाईकोर्ट में दोबारा अपील की है। जिलाधिकारी ने भी भरोसा दिलाया था कि दुकानें खाली नहीं होंगी। • पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच • नजूल भूमि के पट्टे की वैधानिकता की जांच, नियम विरुद्ध हो तो निरस्त किया जाए • खारिज हुए मुकदमे को दोबारा बहाल कराया जाए • व्यापारियों और किरायेदारों के हितों की रक्षा व्यापारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकार और रोजी-रोटी के लिए है। सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर और यूपी की हर बड़ी खबर के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं। वेबसाइट: https://loktantralivetv.com loktantra_live_tv
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