आकाश आनंद ने तोड़ी चुप्पी: कभी दूसरे दल में नहीं जाऊंगा, बसपा मेरा परिवार और मायावती मेरी गुरु
बसपा के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर लंबी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे कभी किसी दूसरे दल में नहीं जाएंगे। उन्होंने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु बताया और ससुर अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के फैसले का समर्थन किया।
बसपा प्रमुख मायावती (फाइल फोटो) — प्रतीकात्मक फोटो: Prime Minister's Office / Wikimedia Commons (GODL-India)
बहुजन समाज पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने शुक्रवार को अपनी लंबी चुप्पी तोड़ दी। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने साफ कहा कि वे कभी किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने लिखा कि बसपा उनके लिए सिर्फ एक दल नहीं, बल्कि परिवार है और पार्टी प्रमुख मायावती उनकी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और अभिभावक हैं।
पिछले कुछ समय से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज थी कि आकाश आनंद किसी दूसरे दल का रुख कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी गैरमौजूदगी ने इन अटकलों को और हवा दी। शुक्रवार के बयान को इन्हीं अटकलों का जवाब माना जा रहा है।
बसपा प्रमुख मायावती (फाइल फोटो) — प्रतीकात्मक फोटो: Ministry of Parliamentary Affairs / Wikimedia Commons (GODL-India)
ससुर के निष्कासन का किया समर्थन
आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाले जाने के फैसले का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पार्टी और आंदोलन का हित किसी भी व्यक्तिगत या पारिवारिक रिश्ते से ऊपर है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वे इसी विचारधारा के सिपाही हैं।
माफी मांगी, फिर काम का मौका मांगा
आकाश ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी के लिए माफी भी मांगी और कहा कि वे मायावती के नेतृत्व में पार्टी की सेवा का एक और मौका चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी प्रतिबद्धता शब्दों से नहीं, बल्कि काम से साबित करेंगे।
आकाश आनंद: बसपा के पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक
बयान: किसी दूसरे दल में कभी नहीं जाएंगे
मायावती को बताया राजनीतिक गुरु और अभिभावक
अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन का समर्थन
2027 से पहले बसपा के लिए क्यों अहम
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा अपने संगठन को फिर से मजबूत करने में जुटी है। इसी दिन मायावती ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पीडीए के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन टिकट परिवार के लोगों को देती है। ऐसे में आकाश आनंद का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अहम संदेश माना जा रहा है।