रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार अयोध्या की सजावट में देश की अलग-अलग संस्कृतियों की झलक दिखेगी। सजावट के लिए वाराणसी (काशी) से फूल और गुजरात से पारंपरिक तोरण यानी वंदनवार मंगाए जाएंगे। दीपोत्सव में करीब 30 लाख दीये जलाने की योजना है।
दीपोत्सव के आयोजन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की अहम भूमिका रहती है। विश्वविद्यालय की समन्वय समिति के सदस्य सामान चुनने और स्थानीय कारीगरों व आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क करने के लिए वाराणसी और गुजरात जाएंगे।

कहां-कहां होगी खास सजावट
- अवध विश्वविद्यालय परिसर
- राम घाट और राम की पैड़ी क्षेत्र
- प्रवेश द्वार, मुख्य मार्ग और पंडाल
- कार्यक्रम स्थल
लोक संस्कृति और राष्ट्रीय परंपरा का संगम
समन्वय समिति की योजना है कि फूलों, पारंपरिक सजावटी सामग्री और थीम आधारित डिजाइनों के जरिए स्थानीय लोक संस्कृति को राष्ट्रीय परंपराओं से जोड़ा जाए। पारंपरिक रंगोली, लोक कला पर आधारित झांकियां और पंडाल बनाए जाएंगे। राम घाट पर खास थीम पर सजावट होगी। देशभर से 3,000 से ज्यादा लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।



