बस्ती: काउंसिलिंग के 21 दिन बाद भी 190 शिक्षक नहीं संभाल पाए कार्यभार, एकल शिक्षक वाले स्कूल परेशान
बस्ती में परिषदीय स्कूलों के 89 प्राथमिक और 101 जूनियर शिक्षक 9-10 सितंबर को हुई काउंसिलिंग के 21 दिन बाद भी नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए हैं, क्योंकि परिणाम सूची जारी नहीं हुई। इससे एकल शिक्षक और शिक्षक विहीन स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित है।
सरकारी स्कूल — प्रतीकात्मक फोटो: Dheerajcool2014 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
बस्ती जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा स्कूली बच्चे भुगत रहे हैं। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की काउंसिलिंग 9 और 10 सितंबर को पूरी हो चुकी है, लेकिन 21 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी शिक्षक नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए हैं। वजह यह है कि काउंसिलिंग की परिणाम सूची अब तक जारी नहीं हुई।
काउंसिलिंग में 89 प्राथमिक शिक्षक और 101 जूनियर शिक्षक शामिल हुए थे, यानी कुल 190 शिक्षकों का मामला अटका है।
सरकारी स्कूल (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Suyash.dwivedi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
सबसे ज्यादा असर एकल शिक्षक वाले स्कूलों पर
काउंसिलिंग का मकसद उन स्कूलों में शिक्षक भेजना था, जहां सिर्फ एक शिक्षक है या कोई शिक्षक ही नहीं है। परिणाम अटकने से ऐसे स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात नहीं सुधर पा रहा। एक शिक्षक के भरोसे कई कक्षाएं चलाना मुश्किल हो रहा है।
काउंसिलिंग: 9 और 10 सितंबर 2026
शिक्षक: 89 प्राथमिक, 101 जूनियर (कुल 190)
समस्या: परिणाम सूची जारी नहीं, कार्यभार ग्रहण अटका
असर: एकल शिक्षक और शिक्षक विहीन स्कूलों की पढ़ाई
अर्धवार्षिक परीक्षा से पहले चिंता
अक्टूबर-नवंबर में स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं होती हैं। अगर जल्द शिक्षक नहीं पहुंचे तो बच्चों का कोर्स पूरा होने पर भी असर पड़ेगा। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों की मांग है कि परिणाम सूची तुरंत जारी कर शिक्षकों को नए स्कूलों में भेजा जाए।
बस्ती में बरहचतर पुल के एप्रोच रोड पर बड़े गड्ढों से हादसों का खतरा भी लोगों की परेशानी बना हुआ है।