केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी से जुड़ी खबर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम है। दी गई जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट ने महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की वृद्धि को मंजूरी दी है। इस फैसले से करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख से अधिक पेंशनर्स को लाभ मिलने की बात कही गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को त्योहार के मौके पर राहत देने का निर्णय लिया गया है।

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बताई गई जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ता 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई से प्रभावी मानी गई है। इसके चलते कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का एरियर मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि, एरियर के भुगतान की तारीख और अक्टूबर की सैलरी के साथ भुगतान होने की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।

कितनी बढ़ेगी हर महीने की सैलरी?

महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो उसे हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। 30,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर मासिक बढ़ोतरी 900 रुपये होगी, जबकि 50,000 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 1,500 रुपये अधिक मिल सकते हैं। ये गणनाएं केवल DA में 3 प्रतिशत अंक की वृद्धि के आधार पर हैं।
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कितना मिल सकता है चार महीने का एरियर?

अगर बढ़ोतरी 1 जुलाई से लागू होती है और जुलाई से अक्टूबर तक चार महीने का बकाया दिया जाता है, तो 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर एरियर 2,160 रुपये बनेगा। वहीं, 30,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर 3,600 रुपये और 50,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर 6,000 रुपये का एरियर बन सकता है। वास्तविक भुगतान संबंधित सरकारी आदेश और पात्रता के अनुसार अलग हो सकता है।

सरकारी खजाने पर कितना पड़ेगा असर?

दी गई जानकारी के मुताबिक, DA बढ़ोतरी से केंद्र सरकार पर लगभग 10,016 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। इसके अलावा, कैबिनेट के अन्य फैसलों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये, स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 1,800 करोड़ रुपये और ग्राम विकास योजना के तहत करीब 7,400 करोड़ रुपये की मंजूरी का भी उल्लेख है। इन सभी घोषणाओं की राशि और संबंधित योजनाओं की पुष्टि आधिकारिक कैबिनेट विज्ञप्ति से करना जरूरी है।