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वायरल वीडियो की सच्चाई: 7 साल कोमा में रही गर्लफ्रेंड से शादी का दावा फर्जी, स्क्रिप्टेड निकली प्रेम कहानी!

7 साल तक कोमा में रही गर्लफ्रेंड से शादी की कहानी निकली फर्जी! अस्पताल में सिंदूर भरने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लेकिन जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच—जिसे लोग सच्चा प्यार समझ रहे थे, वह असल में एक स्क्रिप्टेड रील थी!

Pawan Kumar

• रिपोर्टर व न्यूज़ संपादक

4 मिनट lucknow

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वायरल वीडियो की सच्चाई: 7 साल कोमा में रही गर्लफ्रेंड से शादी का दावा फर्जी, स्क्रिप्टेड निकली प्रेम कहानी!

Viral Video News: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भावुक कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक अस्पताल के बिस्तर पर लेटी युवती की मांग में सिंदूर भरता दिखाई देता है। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि युवक की गर्लफ्रेंड करीब सात साल तक कोमा में रही और उसके होश में लौटने के बाद युवक ने अस्पताल में ही उससे शादी कर ली। वीडियो को सच्चे प्यार और लंबे इंतजार की कहानी बताकर शेयर किया जा रहा है। लेकिन इस भावुक कहानी की सच्चाई कुछ और है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो वास्तविक घटना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा बनाया गया एक स्क्रिप्टेड वीडियो है।

सात साल कोमा में रहने और अस्पताल में शादी का दावा

वायरल वीडियो में एक युवक अस्पताल के बिस्तर पर लेटी युवती की मांग में सिंदूर भरता नजर आता है। युवती की आंखों में आंसू दिखाई देते हैं, जिससे वीडियो देखने वालों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा होती है। वीडियो के साथ साझा किए गए कैप्शन में दावा किया गया कि युवती करीब सात साल तक कोमा में रही और युवक इतने लंबे समय तक उसका इंतजार करता रहा। इसके बाद दोनों की शादी अस्पताल में हुई।

इस दावे को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सच्चे प्यार और समर्पण की मिसाल मान लिया। हालांकि, वीडियो के साथ वायरल हो रहे कैप्शन की प्रामाणिकता की जांच किए बिना इसे वास्तविक घटना समझना सही नहीं है।

वीडियो बनाने वाले कौन हैं?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वीडियो में नजर आने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के नाम दिलीप कुमार पांडे और अनामिका सिंह हैं। बताया गया है कि उन्होंने यह वीडियो 27 जुलाई को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। वीडियो को भावनात्मक प्रेम कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन इसके मूल कैप्शन में सात साल तक कोमा में रहने वाली युवती की कहानी का दावा नहीं किया गया था।

क्रिएटर्स ने मूल वीडियो के साथ कैप्शन लिखा था, “Promise me that you will be my life partner in all the lifetimes?” यानी, “मुझसे वादा करो कि हर जन्म में तुम मेरे जीवनसाथी बनोगे।” इस कैप्शन का भाव रोमांटिक था, लेकिन इसमें वायरल पोस्ट की तरह किसी वास्तविक अस्पताल की घटना या सात साल तक कोमा में रहने का दावा नहीं था।

वायरल कैप्शन ने कैसे बदल दी वीडियो की कहानी?

इस मामले में सबसे अहम बात वीडियो और उसके साथ जोड़े गए कैप्शन के बीच का अंतर है। जानकारी के मुताबिक, मूल वीडियो को बाद में किसी अन्य व्यक्ति ने एक भावनात्मक दावे के साथ साझा करना शुरू किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उसी कैप्शन के साथ वीडियो को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किया।

धीरे-धीरे वीडियो को वास्तविक घटना मानकर देखा जाने लगा। भावनात्मक दृश्यों और लंबे इंतजार की कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन वीडियो के मूल स्रोत और संदर्भ की जांच नहीं की गई। इस तरह एक स्क्रिप्टेड रील को वास्तविक घटना के रूप में पेश किए जाने की स्थिति बनी।

प्रेम कहानियों वाली रील्स बनाते हैं क्रिएटर्स

बताया गया है कि दिलीप कुमार पांडे और अनामिका सिंह सोशल मीडिया पर भावनात्मक प्रेम कहानियों से जुड़ी रील्स बनाते हैं। ऐसे वीडियो मनोरंजन और कहानी कहने के उद्देश्य से तैयार किए जाते हैं। इसलिए किसी वीडियो में अस्पताल, आंसू या शादी जैसे दृश्य दिखाई देने मात्र से यह साबित नहीं होता कि उसमें दिखाई गई घटना वास्तव में हुई है।

इस मामले में भी वीडियो को वास्तविक घटना मानने से पहले उसके मूल अपलोड, कैप्शन और क्रिएटर्स के कंटेंट की प्रकृति को देखना जरूरी था।

सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो सच नहीं होता

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के साथ लिखा गया कैप्शन उसकी वास्तविकता को बदल सकता है। कई बार पुराने वीडियो को नए दावे के साथ साझा किया जाता है, तो कभी मनोरंजन के लिए बनाए गए दृश्यों को असली घटना बताकर वायरल कर दिया जाता है।

ऐसे में किसी भावनात्मक वीडियो को आगे भेजने से पहले उसके मूल स्रोत की जांच करना, क्रिएटर के अकाउंट पर जाकर शुरुआती पोस्ट देखना और विश्वसनीय रिपोर्टों से जानकारी मिलाना जरूरी है। खासकर तब, जब वीडियो के साथ किसी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या निजी जीवन से जुड़ा बड़ा दावा किया जा रहा हो।

 सात साल तक कोमा में रही गर्लफ्रेंड से अस्पताल में शादी करने की कहानी के साथ वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक घटना का प्रमाण नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा बनाया गया स्क्रिप्टेड वीडियो है और मूल पोस्ट में वायरल कैप्शन वाला दावा मौजूद नहीं था। इसलिए इसे सच्ची घटना बताकर शेयर करने से बचना चाहिए।

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