राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 तक पहुंच गया, जिसके बाद पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू कर दिया गया है। हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती बढ़ा दी है।
इस फैसले का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर निजी वाहन चलाने वालों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को नए नियमों का ध्यान रखना होगा।
क्या होता है GRAP-2?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तैयार की गई व्यवस्था है। इसके तहत हवा की गुणवत्ता खराब होने पर अलग-अलग चरणों में पाबंदियां लागू की जाती हैं।
- GRAP-1: AQI 201 से 300 तक
- GRAP-2: AQI 301 से 400 तक
- GRAP-3: AQI 401 से 450 तक
- GRAP-4: AQI 450 से अधिक
दिल्ली में सोमवार शाम 4 बजे AQI 324 दर्ज किया गया। इसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में GRAP-2 लागू करने का फैसला लिया।
GRAP-2 में क्या-क्या बदलाव होंगे?
1. पार्किंग शुल्क में होगी बढ़ोतरी
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को निजी गाड़ियों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
2. सड़कों की रोजाना होगी सफाई
सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। इसके अलावा पानी और डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव भी किया जाएगा।
3. प्रदूषण वाले इलाकों पर विशेष नजर
दिल्ली के प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे। निर्माण स्थलों का निरीक्षण बढ़ाया जाएगा, ताकि धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
4. ट्रैफिक जाम कम करने की कोशिश
भीड़भाड़ वाले चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी। वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए भी निगरानी की जाएगी।
5. वर्क फ्रॉम होम की सलाह
सरकारी और निजी संस्थानों को कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है। लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
6. कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर सख्ती
प्रदूषण फैलाने वाले कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर निर्धारित नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
क्या स्कूल-कॉलेज और दफ्तर होंगे बंद?
GRAP-2 लागू होने का मतलब यह नहीं है कि दिल्ली-NCR के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए जाएंगे। इस चरण में स्कूल और कॉलेज बंद करने का कोई सामान्य आदेश नहीं है।
इसी तरह सभी निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य नहीं किया गया है। दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति का भी कोई अनिवार्य नियम नहीं है।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर भी केवल GRAP-2 के कारण नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, पहले से लागू वाहन संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है।
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दिल्ली-NCR में वाहन चालकों को भी सावधान रहने की जरूरत
1 नवंबर से लागू संशोधित वाहन नियमों के तहत दिल्ली में बाहर से आने वाले गैर-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लागू हैं। BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत छूट दी गई है। वैध PUC सर्टिफिकेट रखना भी जरूरी है।
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आखिर कब मिलेगी प्रदूषण से राहत?
दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने, निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और कूड़ा या अन्य सामग्री खुले में नहीं जलाने की अपील की है।
अब देखना होगा कि GRAP-2 के तहत उठाए गए कदमों से दिल्ली-NCR की जहरीली हवा में कितनी राहत मिलती है।
स्रोत: आज तक, 2 नवंबर 2026।